कोटद्वार । सात दिवसीय शिव शक्ति ज्ञान यज्ञ के समापन पर पदमपुर मोटाढाक में स्थित शिव शक्ति मन्दिर में प्रवचन करते हुए आचार्य राकेश चंद्र लखेड़ा ने कहा, सत्य सबसे उत्तम तप है। यह पृथ्वी सत्य पर ही टिकी है, सत्यभाषी परम् तेजस्वी होता है।असत्यभाषी के सभी कर्म ब्यर्थ हैं, अतः सदैव सत्य बोलना चाहिए। सत्य सदैव एक रूप में स्थित रहता है। वह किसी भी काल, किसी भी युग व किसी भी परिस्थिति में परिवर्तित नही होता। सत्य सदैव एक समान रहता है। सत्य ही परमात्मा यानी शिव है। सभी शरीरों के अंदर परमात्मा का वास है। क्योंकि सभी में आहार, निंद्रा, भय और मैथुन एक समान रूप से स्थित रहते हैं। लेकिन मनुष्य को ईश्वर ने एक अतिरिक्त गुण भी प्रदान किया है, वह है विवेक। परमात्मा ने मनुष्य को प्रधानता प्रदान करते हुए उसे विवेक शील प्राणी बनाया है। जो व्यक्ति विवेक का प्रयोग करके शिव की शरण मे जाता है वही ज्ञान प्राप्त कर सकता है। इससे पूर्व प्रातः हवन यज्ञ किया गया।

इस अवसर पर मन्दिर के पुजारी पण्डित राम भरोषा कंडवाल ने लगातार सात दिनों तक बिश्व कल्याण निमित ज्ञान यज्ञ करने के लिए आचार्य राकेश चंद्र लखेड़ा का आभार व्यक्त करते हुए समस्त भक्तजनों के परिवार की सुख, स्मृद्धि के लिए शिव शक्ति से प्रार्थना की एवँ माँ जगदम्बा के दरवार में हाजरी देने के लिए माँ ज्वाल्पा के अनन्य भक्त एवँ उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष पण्डित राजेन्द्र अणथ्वाल का स्वागत करते हुए अनुरोध किया कि यह शक्ति पीठ काफी पुराना है लेकिन मुख्य मार्ग से हटकर होने के कारण काफी लोगों को दर्शन से वंचित रहना पड़ता है। इसका मुख्य कारण मन्दिर का प्रवेश द्वार का न होंना भी है। कंडवाल ने जीर्ण शीर्ण पड़े मन्दिर मार्ग को दुरुस्त करने की अपील की।
इस अवसर पर राज्य मंत्री के हाथों 9 कीर्तन मंडलियों को भी सम्मानित किया गया, जिनमे से राधे राधे कीर्तन मंडली, महागौरी कीर्तन मण्डली, नैना कीर्तन मण्डली, सरस्वती कीर्तन मण्डली, दुर्गा कीर्तन मण्डली, लक्ष्मी नारायण कीर्तन मण्डली, ॐ सत्कार कीर्तन मण्डली, महिला पतंजलि कीर्तन मण्डली के अलावा मन्दिर समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह रावत को भी सम्मानित किया गया। इसअवसर बीरेंद्र सिंह रावत, नन्दन सिंह नेगी, मन्था देवी देवरानी,शांति देवी, पुष्पा देवी, विमला शुक्ला, चंपा नेगी, उषा देवी, सोम प्रभा कंडवाल, विद्या देवी, जूही नेगी, कुमारी योगिता, लक्ष्मी गुसाईं, नन्द बिष्ट, आशा नेगी, सावित्री देवी, रेखा रावत, मनमोहन रावत, राधिका देवी, कल्पना चौहान, विनीता डोबरियाल, जयश्वरी देवी के अलावा कई भक्त जन उपस्थित थे। अंत मे समस्त भक्त जनों की तरफ से मन्दिर पुजारी पण्डित राम भरोषा कंडवाल ने आचार्य को तिलक, पुष्प माला, सम्मान राशि एवँ शिव शक्ति सम्मान देकर बिदाई दी एवँ बिश्व के कल्याण की कामना के साथ क्षेत्र की खुशहाली के लिए सिद्ध पीठ की सिद्धि दात्री माँ जगदम्बा से प्रार्थना की ।


