posted on : मार्च 29, 2022 4:33 अपराह्न
सतपुली । कोरोना काल में महामारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कोविड केयर सेंटर में कार्यरत कर्मी जो आउटसोर्सिंग से नियुक्त किए गए थे को सेवा से पृथक करने पर समाजसेवी व वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी विक्रम सिंह रावत ने मुख्यमंत्री का पहला फैसला ही तुगलकी फरमान बताया । बिक्रम सिंह रावत ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक ज्ञापन प्रेषित किया जिसमें उनके द्वारा पौड़ी गढ़वाल ही नहीं पूरे उत्तराखंड में कोविड केयर सेंटर में आउटसोर्सिंग के माध्यम से लगाए गए कर्मचारियों की सेवा एवं बहाली करने की अपील की है । उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जहां एक और सभी अपने घरों में दुबके हुए थे वही सबसे ज्यादा कोरोना काल में सेवा करने वाले लोगों में कोविड केयर सेंटर में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी ही थे जो सही मायनों में कोरोना योद्धा कहे जाएंगे ।
उन्होंने कहा जहां एक और पौड़ी गढ़वाल में 155 कर्मियों की तैनाती की गई थी वही पूरे उत्तराखंड में 1600 कर्मियों ने आपातकाल के दौरान महत्वपूर्ण सेवा दी, जिसमें वार्ड बाय से लेकर सफाई कर्मचारियों एवं अन्य टेक्नीकल कर्मचारियों की निष्ठां और साहसिक सेवा की बदोलत ही उत्तराखंड की जनता कोरोना काल की मुश्किल घड़ी में भी लड़ सकी । स्वास्थ्य विभाग द्वारा अविवेक पूर्ण आदेश जारी कर कोरोना योद्धाओं को सेवा से पृथक करने को तुगलकी फरमान बताया ।साथ ही उन्होंने आउटसोर्सिंग के माध्यम से लगाए गए कर्मचारियों की सेवा एवं बहाली करने की अपील की है और कहा यदि इन कर्मियों को समायोजित नहीं किया जाता है तो जनता जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी ।



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