posted on : मई 28, 2022 3:33 अपराह्न
कोटद्वार । महिलाओं और किशोरियों को माहवारी के दौरान कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उनको इस तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े इसलिए हर वर्ष 28 मई को विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया जाता है। ताकि उन्हें झिझक छोड़ने और इस बारे में खुलकर बात रखने का मौका मिल सकेे ।
सरकार के प्रयासों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चलाए जा रहे राष्ट्रीय किशोर स्वस्थ्य कार्यक्रम आरकेएसके के तहत शनिवार को माहवारी दिवस के उपलक्ष्य में राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय नगर क्षेत्र में मनाया गया । जिसमें मासिक धर्म को लेकर किशोरियों को जागरूक किया गया । राष्ट्रीय किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम की परामर्शदाता उर्मिला तड़ियाल व अरविंद सिंह ने बताया कि मासिक धर्म के बारे में बताने वाली सबसे अच्छी जगह स्कूल हैं। यहां इस विषय को यौन शिक्षा और स्वच्छता से जोड़कर चर्चा की जा सकती है। वह कहती हैं कि घर में बच्चियों की मां भी इस बारे में अपनी सोच बदलें। इस बारे में अपनी बेटियों को ठीक से बताएं, ताकि उनकी बेटी को किसी के सामने शर्मिंदा न होना पड़े।
उन्होंने बताया समय-समय पर हम लोग कन्या इंटर कॉलेज में जाकर लड़कियों की काउंसलिंग करते हैं और मासिक धर्म व स्वच्छता के बारे मे बच्चियों को जागरुक करते हैं। बताया कि लड़कियों को एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए माहवारी को एक प्राकृतिक प्रक्रिया मानना चाहिए। इसी वजह से मासिक धर्म स्वछता प्रभंदन सरकार के राष्ट्रीय किशोर स्वस्थ कार्यक्रम का हिस्सा है। अंत में विद्यालय की बालिकाओं के मध्य पोस्टर प्रतियोगिता कराई गई जिसमें प्रथम स्थान अमरीन, द्वितीय स्थान सुहाना व तृतीया स्थान शिवानी को प्राप्त हुआ । तीनों बालिकाओं को पुरस्कार वितरण किया गया साथ ही कुछ किशोरियों की हीमोग्लोबिन की जांच की गई । इस दौरान विघालय की प्रधानाचार्या संगीता तोमर, हेमा रावत, संगीता उनियाल, सुधा बलूनी, अध्यापिका मौजूद रही ।


