posted on : मार्च 29, 2022 2:59 अपराह्न
कोटद्वार । कंडी रोड के अंतर्गत लालढांग-चिल्लरखाल वन मोटर मार्ग पर एक बार फिर से संकट के बादल गहराते नजर आ रहे हैं, मार्ग पर डामरीकरण के बाद आम जन को पुलों के निर्माण का इंतजार था लेकिन आमजन का इंतजार शायद ही पूरा हो पाए। सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) ने लालढांग-चिल्लरखाल वन मोटर मार्ग निर्माण की जांच की। जांच में कमेटी को भारी अनियमितताएं पाई गई, जिससे सुप्रीम कोर्ट से आई कमेटी (सीईसी) ने नाराजगी जताई। जांच कमेटी ने मैली स्रोत पर पुल निर्माण में लगाई गई सामग्री को निकालने के लिए वन विभाग को कहा, साथ ही चमरिया स्रोत व सिगडड़ी स्रोत नदी में बन रहे पुल की गहनता से जांच की। इसके अलावा 11 किलोमीटर वन मोटर मार्ग के अंदर एलिवेटेड फ्लाईओवर के लिए छोड़ी गई जगह पर भी नाराजगी जताई। जांच कमेटी ने शुरू से ही मीडिया से दूरियां बना कर रखी रही, मीडिया के द्वारा वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करने पर भी ऐतराज जताया । वन सूत्रों के मुताबिक जांच टीम ने वन विभाग को कहा कि इस मार्ग का कोई वैकल्पिक मार्ग क्यों नहीं ढूंढा जा रहा है। अब इस वन मोटर मार्ग का भविष्य सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद ही तय होगा।



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