कोटद्वार । शाकुतंलम फिल्म एवं टेलीविजन इंस्टीट्यूट कौशल विकास योजना से जोड़ दिया गया है जिससे जगत में कार्य करने वाले युवाओं को एक सुनहरा मौका मिला है । इस संबंध में प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ.. हरक सिंह रावत जी ने अपने आवास पर एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया ।
जिसमें उन्होंने पत्रकारों को बताया कि शाकुंतलम फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट को कौशल विकास योजना से जोडे़ जाने से प्रदेश के युवाओं के लिए फिल्म उद्योग में अपना कैरियर बनाना आसान हो गया है, अभी तक उत्तराखंड से जितने भी लोग फिल्म इंडस्ट्रीज में अपना कैरियर बनाने के लिए जाते थे, तो उन्हें अपने कार्य में दक्षता न होने के कारण संघर्ष करना पड़ रहा है, लेकिन अब कोटद्वार के भाबर में शाकुंतलम फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में युवाओं को एक्टिग, डायलॉग लेखन, कैमरा, साउंड सिस्टम, नृत्य शैली का अभिनय सिखाया जायेगा। अभिनय सीखकर युवा फिल्म उद्योग में जाकर अपना कैरियर बना सकते है।
वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि शाकुंतलम पिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट माध्यम से 240 युवा एवं युवतियों को ट्रेनिंग दी जायेगी, तथा संस्थान को प्रत्येक बच्चे को ट्रेनिंग सिखाने के लिए पंद्रह हजार की धनराशि दी जायेगी। जबकि ट्रेनिंग करने वाले बच्चो से किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जायेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश सरकार ने पहली बार इस प्रकार का अभिनव प्रयोग किया है, अभी तक ऐक्टिंग, फिल्म फोटोग्राफी, नृत्य शैली, लेखन को लघु एवं सूक्ष्म उद्योग के दायरे में नहीं रखा गया था, लेकिन अब प्रदेश सरकार ने उक्त क्षेत्र को लघु एवं सूक्ष्म उद्योग के दायरे में लाकर युवाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार खोल दिये है।
वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि यदि उत्तराखंड में ही युवाओं को फिल्म उद्योग से सम्बधित ट्रेनिंग दी गयी तो आने वाले समय में उत्तराखंड में फिल्म बनाने वाले लोगो के लिए उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग करना बहुत ही आसान हो जायेगा, उन्हें सारी सुविधाऐं उत्तराखंड में मिलनी शुरू हो जायेगी, जिससे उत्तराखंड का बहुआयामी फायदा हो सकेगा। इस मौके पर शाकुतंलम पिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के निदेशक शिवनारायण सिंह, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक मृत्युजंय सिंह, भाजपा नेता भुवनेश खर्कवाल, नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष शशि नैनवाल, पार्षद लीला कर्णवाल आदि लोग मौजूद रहे।




