posted on : जुलाई 14, 2022 8:57 अपराह्न
कोटद्वार । एक जुलाई से पूरे भारतवर्ष में पॉलीथिन और प्लास्टिक और उससे बने वस्तुओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बावजूद आज भी सिंगल यूज पॉलीथिन प्लास्टिक और पॉलीथिन का उपयोग धड़ल्ले से जारी है। जहां एक और नगर निगम द्वारा प्लास्टिक प्रतिबंध को लेकर जागरूक किया जा रहा है साथ ही जुर्माना भी वसूला जा रहा है । वहीं कई दुकानदार, ठेले वाले सहित कई दुकानदार धड़ल्ले से पॉलीथिन का उपयोग कर रहे हैं । यहां तक कि नगर निगम के प्रेक्षागृह के नीचे ही कई ठेले वाले सिंगल यूज पॉलीथिन में अपना सामान ग्राहकों को दे रहे हैं।
अमानक पॉलिथीन के उपयोग न करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार द्वारा कई नियम बनाए गए हैं। भारत सरकार के ठोस अपशिष्ट निवारण अधिनियम के तहत 40 माइक्रॉन से कम के मानक की थैली पर्यावरण को प्रदूषित करती है। जानकारों का कहना है कि इस पॉलीथीन को रिसाइकल नहींं किया जा सकता है। जिससे यह प्रदूषण का कारण बनती है। सबसे ज्यादा नुकसान आवारा मवेशियों और जीव-जंतुओं को उठाना पड़ता है। पॉलीथिन में खाद्य सामाग्री ले जाने के बाद उसे सड़कों पर फेंक दिया जाता है। जिस वजह से उसे आवारा मवेशी खा लेते हैं। जो कि नुकसानदायक होता है।


