कोटद्वार : उत्तराखण्ड विकास पार्टी के अध्यक्ष मुजीब नैथानी ने कहा कि राज्य के विकास के लिए जरूरी है कि जो भी राज्य का मुख्यमंत्री बने वो अपना निर्णय खुद लेने के लिए आजाद हो और उसके पास उत्तराखण्ड के विकास के लिए सैद्धान्तिक, वास्तविक व आर्थिक विकास की सोच का मॉडल मौजूद हो। राष्ट्रीय पार्टीयाँ क्यूँ लगातार असफल होती रही है राज्य में क्यूँकि इनके नेतृत्व की डोर किसी और के हाथ मे थी और आज भी किसी और के हाथ में ही है. और इसी डोर की वजह से सैद्धान्तिक, वास्तविक व आर्थिक विकास की सोच का मॉडल भी नहीं था और न ही कोई विकास का मॉडल है। यह और आगे भी होता रहेगा क्यूँकि दोनों मुख्य राष्ट्रीय राजनैतिक पार्टी के आकाओं की डोर किसी दिल्ली / गुजरात / नागपुर आदि मे है . नये पैदा हो रहे विकल्प की डोर भी कमोवेश राही जी के कंधों की आड़ लेकर दिल्ली बताई जा रही है। इसलिए उत्तराखण्ड को ज़रुरत है एक राजनैतिक अम्बरेला की जिसमें उत्तराखण्ड के सभी लोग शामिल हों फिर चाहे किसी भी क्षेत्रीय पार्टी के हों ..। अब ये हमको सोचना है की अंग्रेजो की कठपुतली बहादुरशाह जफर जैसा बादशाह चाहिए उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री की गद्दी पे या फिर छत्रपती शिवाजी, और वीर गढ़वाली भड़ महाराज बलभद्रपाल शाह जैसा खुद की ताकत से राज चलाने वाला मुख्यमंत्री चाहिये..।



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