पौड़ी : जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने शीतकालीन भ्रमण कार्यक्रम के तहत आज मंगलवार को विकासखण्ड कार्यालय कल्जीखाल का निरीक्षण तथा घंडियाल गांव में विभिन्न विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि पत्रावलियों का रख-रखाव सही रूप से रखना सुनिश्चित करें। उन्होंने परिसम्पति पंजिका, उपस्थिति पंजिका, निरीक्षण पंजिका, सेवा पुस्तिका, अवकाश पंजिका, 11-सी पंजिका आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कार्यालय आदेश प्रारूप सही न होने, अवकाश पंजिका व्यवस्थित न होने तथा विभिन्न अनियमितताओं के लिए बीडीओ व क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रारद अधिकारी का स्पष्टीकरण किया गया।

जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने ब्लॉक कल्जीखाल भवन में बीडीसी कक्ष, मीटिंग हॉल, आवासीय भवन सहित अन्य विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने बीडीओ कल्जीखाल को निर्देशित किया कि अधिकारी कार्यकाल पटिका पर नाम अंकित करना सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भ्रमण पंजिका व डाटा डायरी की जानकारी लेते हुए बीडीओ की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। भ्रमण पंजिका का अवलोकन करते हुए उन्होंने कहा कि भ्रमण के उपरांत कोई निरीक्षण, टिप्पणी नही है जिससे भ्रमण की कार्यवाही की पुष्टि हो सके। साथ ही उन्होंने भ्रमण का कार्यवृत प्रस्तुत करने, फाइलों को रखने वाली आलमारियों में स्टिकर लगाने और हर माह निरीक्षण करने के भी निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने 11-सी रजिस्टर का निरीक्षण करते हुए पाया कि यात्रा भत्ता आरहण वितरण अधिकारी द्वारा पास किया गया है, लेकिन उसका अंकन नहीं किया गया है, इस पर उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को बिलों की आॅफिस काॅपी भी सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्च, 2017 से अब तक विधायक निधि में आवंटित कार्य, पूर्ण किये गये कार्य एवं गतिमान कार्यों की जानकारी लेते हुए बीडीओ को निर्देशित किया कि सभी अधिकारी व अधीनस्थ अधिकारियों की डाटा डायरी सुव्यवस्थित करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रारद अधिकारी से महिला मंगल दल पंजिका में प्रमाण पत्रों की जानकारी ली। साथ ही सहायक समाज कल्याण अधिकारी कल्जीखाल से विभिन्न वर्गों के लिए दी जा रही पेंशन की जानकारी भी ली।

विकास खण्ड कार्यालय कल्जीखाल के निरीक्षण के पश्चात् जिलाधिकारी ने घंडियाल में विभिन्न विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने पाॅली हाॅउस, मेगा वाटर सर्किट, नींबू के पौधों तथा विभिन्न बागवानी से जुड़े कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान बागवानी में लगे काश्तकारों ने अपनी समस्याओं से भी अवगत कराया, जिस पर जिलाधिकारी ने उनकी समस्यों को सुलझाये जाने का आश्वासन दिया। कहा कि स्थानीय निवासियों के प्रयासों को सराहा जाना चाहिए। कहा कि कार्य करने वाले प्रवासी स्वयं का कार्य करना चाहते हैं तो उन्हें विभिन्न योजनाओं के सापेक्ष ऋण देकर लाभ पहुंचाया जाएगा। कहा कि जो लोग कार्य करना चाहते हैं उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि कर्मगारों से प्रशिक्षण प्रमाण पत्र बनाने की आवश्यक कार्यवाही कर लें। उन्होंने सहायक कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि नर्सरी के क्षेत्र में कार्य कर रहे किसानों का नर्सरी पंजीकरण की कार्यवाही करना सुनिश्चित कर लें। बताया गया कि 5000 नाली में 3000 पौधा रोपण, 15 सिंचन टैंक मनरेगा एवं अन्य योजना से लाभान्वित किया गया है। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी सत्य प्रकाश भारद्वाज, सहायक खण्ड विकास अधिकारी हरेंद्र सिंह कोहली, डीपीओ मनरेगा सचिन भट्ट, क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रारद अधिकारी उमेश चंद्र बहुगुणा, सहायक समाज कल्याण अधिकारी पूनम चमोली, दिनेश रावत सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।



