कोटद्वार । पूर्व सैनिक सेवा परिषद शुक्रवार को तहसील में ज्ञापन जिलाधिकारी के नाम सौंपा जिसमें उन्होंने मांग की है कि उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा की तैनाती कुम्भ क्षेत्र मे न लगे,तथा कोटद्वार तहसील में तहसीलदार स्थाई रूप से हो। ज्ञापन में कहा कि कोटद्वार पौड़ी जिले की सबसे संवेदनशील तहसील है क्योंकि एक तो यह सीमावर्ती क्षेत्र है। सीमावर्ती होने से, ड्रग्स, चोर और माफियाओं के लिए पहले से ही शहर अग्रीणीय स्थान में रहता आया है। खनन, भुमि विवाद, अतिक्रमण,और भिन्न भिन्न प्रकार के कानूनी मुकदमे सबसे ज्यादा इसी शहर में है। उसमें सच्चे मुकदमे तो ठीक है पर झूठे मुकदमे इतने हैं कि लोग चक्कर काट रहे हैं। वैसे भी पहले एक साल में कई उपजिलाधिकारी बदली होते रहे हैं। अब थोड़ा समय के लिए उपजिलाधिकारी मिला भी है, ऐसे में उपजिलाधिकारी की तैनाती कुम्भक्षेत्र में किये जाने तथा तहसीलदार की तैनाती भी तहसील कोटद्वार में न होने से, क्षेत्र एवं तहसील के अतिसंवेदन सील मुद्दो का निस्तारण किस प्रकार से होगा। ऐसे में तो कोटद्वार तहसील बिना प्रशासन की बन जायेगी और सुरक्षा की दृष्टि से भी ठीक नहीं है।
पूर्व सैनिक सेवा परिषद कोटद्वार का सुझाव है कि प्रशासन को यदि पीसीएस अधिकारी की तैनाती कुम्भ क्षेत्र में करनी थी तो छोटी तहसीलों के पीसीएस अधिकारी जैसे धुमाकोट, लैन्सडौन, यमकेश्वर से भी कर सकते हैं जहां कम संवेदनशील वाले जगह हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि उपजिलाधिकारी की तैनाती को कुम्भ क्षेत्र से निरस्त किया जाए।




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