posted on : मार्च 21, 2022 4:32 अपराह्न
बांस- रिंगाल हस्तशिल्प प्रशिक्षण का उद्घाटन
सर्व कल्याण विकास समिति ( एसकेवीएस) की ओर से कोटद्वार में छह दिवसीय निशुल्क ‘बांस- रिंगाल हस्तशिल्प’ प्रशिक्षण का आयोजन
कोटद्वार : सर्व कल्याण विकास समिति ( एसकेवीएस) की ओर से कोटद्वार में छह दिवसीय निशुल्क ‘बांस- रिंगाल हस्तशिल्प’ प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण में 20 से ज्यादा महिला एवं पुरुष दोनों को ही शामिल किया गया है। शनिवार को देवी नगर नजीबाबाद रोड समिति के कार्यालय में प्रशिक्षण का उद्घाटन समिति की अध्यक्ष पूजा सेमवाल और समिति के ही आयुष ने किया।
पूजा सेमवाल ने बताया कि प्रशिक्षुओं को बांस- रिंगाल से बनने वाले विभिन्न हैंडीक्राफ्ट बनाना सिखाया जाएगा। साथ ही वर्तमान समय में बांस – रिंगाल से बने हैंडीक्राफ्ट के बढ़ते बाजार को देखते हुए इसे आजीविका के तौर पर विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बांस- रिंगाल के उत्पादों की मांग लगातार बाजार में बढ़ रही है। विशेष तौर पर फर्नीचर, लैंप शेड, क्रॉकरी समेत अन्य घरेलू उत्पादों को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। बांस से बना समान सस्ता होने के साथ टिकाऊ भी है।
अध्यक्ष पूजा सेमवाल ने बताया कि भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (भाकृअनुप), देहरादून के सहयोग से समिति उत्तराखंड, राजस्थान, दिल्ली, नोयडा समेत अन्य शहरों में बांस एवं रिंगाल के पौधों का रोपण कर रही है। भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान के अनुभवी वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में समिति प्रदेशभर में विभिन्न स्थानों पर किसानों को वैज्ञानिक तरीकों से बांस- रिंगाल का पौधरोपण करना और इनका प्रबंध सिखा रही है। पहले चरण में वर्ष 2020-21 में सर्व कल्याण विकास समिति पिथौरागढ़, टिहरी, पौड़ी एवं रुद्रप्रयाग जनपदों में विभिन्न स्थानों करीब 36 हेक्टेयर भूमि पर बांस एवं रिंगाल का रोपण कर मृदा एवं जल संरक्षण के कार्य कर रही है। कहा कि आज के समय में बांस आजीविका का एक बेहतर विकल्प बन कर उभर रहा है। बांस के पौधे से कई प्रकार से रोजगार पैदा किया जा सकता है। बांस की खेती, बांस से साजो सज्जा का सामान तैयार कर, हैंडीक्राफ्ट बनाने से लेकर अन्य कई कार्यों के जरिए बांस को बेहतर इनकम का साधन बनाया जा सकता है। आज के समय मे हमारे घर में इस्तेमाल होने वाला 80 फीसद सामान बांस एवं रिंगाल से तैयार किया जा सकता है।




