बुधवार, सितम्बर 9, 2026
  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video
liveskgnews
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
liveskgnews
9th सितम्बर 2026
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

यूकेडी की अंदरूनी कलह से तीसरी ताकत बनने की उम्मीद को झटका

शेयर करें !
posted on : सितम्बर 9, 2026 11:11 अपराह्न

गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले तीसरी ताकत के रूप में उभरने की कोशिश कर रही उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती उसके भीतर चल रहा विवाद बन गया है। एक तरफ पार्टी भू-कानून, मूल निवास, पलायन, रोजगार और गैरसैंण जैसे मुद्दों को लेकर राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर नेतृत्व और संगठनात्मक फैसलों को लेकर सामने आ रहे विवाद पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

यूकेडी में हाल के महीनों में केंद्रीय नेतृत्व के फैसलों को लेकर विवाद खुलकर सामने आया है। केंद्रीय उपाध्यक्ष रहे आशुतोष नेगी को पहले संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया और बाद में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासन की कार्रवाई की गई। इसके अलावा राकेश ध्यानी के खिलाफ भी संगठनात्मक कार्रवाई हुई। इन कार्रवाइयों के बाद पार्टी के भीतर असहमति और नेतृत्व को लेकर सवालों की चर्चा तेज हुई।

विवाद यहीं नहीं थमा। अगस्त के अंत में पार्टी के भीतर चल रही खींचतान के बीच केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती से जुड़ी एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आने की रिपोर्टों ने नेतृत्व की कार्यप्रणाली और निर्णय प्रक्रिया को लेकर चर्चाओं को और हवा दी। हालांकि ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे पार्टी के अंदर चल रहे मतभेद सार्वजनिक बहस का विषय जरूर बन गए।

सितंबर की शुरुआत में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए 36 सीटों से जुड़ी एक कथित सूची सामने आने के बाद भी विवाद बढ़ा। रिपोर्ट के अनुसार इस सूची में पार्टी से निष्कासित आशुतोष नेगी का नाम भी शामिल था। इससे उम्मीदवार चयन और संगठन के भीतर निर्णय प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं।

राजनीतिक तौर पर यूकेडी के लिए यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी के पास इस समय अपने पुराने क्षेत्रीय मुद्दों के जरिए राजनीतिक स्पेस बनाने का मौका है। भू-कानून, मूल निवास, पलायन, पहाड़ में रोजगार और गैरसैंण जैसे मुद्दों पर जनता के बीच बहस है। भाजपा और कांग्रेस से अलग विकल्प तलाश रहे मतदाताओं का एक वर्ग यूकेडी की ओर देख सकता है। लेकिन यही संभावित वोट बैंक पार्टी की अंदरूनी खींचतान से बिखरने का खतरा भी है। यदि संगठन में अलग-अलग गुट सक्रिय रहे, नेतृत्व को लेकर विवाद जारी रहा और टिकट वितरण को लेकर असहमति सामने आती रही तो क्षेत्रीय वोटों को एक मंच पर लाना मुश्किल होगा। इसका सीधा फायदा भाजपा और कांग्रेस को मिल सकता है।

यूकेडी के सामने इस समय केवल उम्मीदवार खड़े करने की चुनौती नहीं है, बल्कि यह तय करना भी जरूरी है कि पार्टी चुनाव में किस नेतृत्व और किस रणनीति के साथ उतरेगी। संभावित उम्मीदवारों की सूचियों और संगठनात्मक फैसलों को लेकर बार-बार उठते विवाद यह संकेत दे रहे हैं कि चुनावी तैयारी के साथ पार्टी को अपने भीतर की असहमति भी सुलझानी होगी।

यदि यूकेडी अपने विवादों को खत्म कर एकजुट नेतृत्व के साथ मैदान में उतरती है तो क्षेत्रीय मुद्दों के सहारे कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय बनाने की स्थिति पैदा हो सकती है। कुछ सीटों पर मजबूत प्रदर्शन और कई सीटों पर निर्णायक वोट हासिल कर पार्टी विधानसभा में किंगमेकर की भूमिका भी तलाश सकती है। इसके उलट यदि अंदरूनी खींचतान चुनाव तक जारी रही तो भाजपा और कांग्रेस विरोधी क्षेत्रीय वोट कई हिस्सों में बंट सकता है। ऐसे में यूकेडी के सामने तीसरी ताकत बनने के बजाय अपने ही संभावित जनाधार को बचाए रखने की चुनौती खड़ी हो जाएगी।

2027 का चुनाव यूकेडी के लिए राजनीतिक वापसी का बड़ा अवसर है, लेकिन उससे पहले पार्टी को अपने घर की लड़ाई खत्म करनी होगी। क्षेत्रीय मुद्दे उसके पास हैं, राजनीतिक जमीन भी बन रही है, लेकिन संगठन एकजुट नहीं हुआ तो तीसरी ताकत बनने की संभावना फिर अंदरूनी कलह की भेंट चढ़ सकती है।

 

https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1-1.mp4
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Video-2025-09-15-at-11.50.09-PM.mp4

हाल के पोस्ट

  • यूकेडी की अंदरूनी कलह से तीसरी ताकत बनने की उम्मीद को झटका
  • इंटरसेप्टर व स्कूटी की भिडंत में स्कूटी सवार दो युवक गंभीर
  • पौड़ी गढ़वाल : पशुपालन योजनाओं से 1726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार का सहारा
  • मायके से ससुराल क्षेत्र में पहुंची बधाण की नंदा डोली
  • सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के नेतृत्व में विकास की नई तस्वीर गढ़ रहा राज्य संपत्ति विभाग, रतूड़ा में ₹48.84 करोड़ से बनेगा आधुनिक राज्य अतिथि गृह, रेसकोर्स में ₹28.07 करोड़ से 48 नए आवास; आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण पर फोकस
  • ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक – डॉ. पराग मधुकर धकाते
  • सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने कीर्तिनगर में फूड कार्ट और संग्रहण केंद्र का किया निरीक्षण, ग्रामोत्थान के उद्यमों को बेहतर संचालन के निर्देश
  • भारतीय स्कीइंग एवं पर्वतारोहण संस्थान, गुलमर्ग द्वारा टिहरी झील में वाटर स्कीइंग कोर्स का आयोजन
  • ऋण फर्जीवाड़े के प्रकरणों पर जिला प्रशासन सख्त, डीएम डॉ. आशीष चौहान ने दिए एसआईटी जांच और कार्रवाई के निर्देश
  • उत्तराखंड बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति में 2027 की रणनीति पर मंथन, तीसरी बार सरकार बनाने का संकल्प
liveskgnews

सेमन्या कण्वघाटी हिन्दी पाक्षिक समाचार पत्र – www.liveskgnews.com

Follow Us

  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video

© 2017 Maintained By liveskgnews.

No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

© 2017 Maintained By liveskgnews.