कोटद्वार : उत्तराखंड विकास पार्टी ने गढ़वाल के प्रसिद्ध कवि साहित्यकार लेखक स्वर्गीय मंगलेश डबराल को श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तराखंड विकास पार्टी का मानना है कि राज्य शहीदों की भावनाओं के अनुरूप उत्तराखण्ड न बन पाने के कारण उत्तराखण्ड की नींव के पत्थर स्वास्थ्य सुविधाओं समेत अनेक सुविधाओं से महरूम रहते हैं। यह दुखद है कि राज्य सरकार का सांस्कृतिक विभाग भी साहित्यकारों, लेखकों के सुख दुख पर नजर बनाए रखने की बजाय गहरी नींद में सोया रहता है।
उनकी कालजयी कविता संग्रहों के नाम हैं :-
लालटेन
घर का रास्ता
हम जो देखते हैं
आवाज भी एक जगह है
उनकी कविता का एक अंश है
पहाड़ पर चढ़ते हुए
तुम्हारी सांस फूल जाती है
आवाज भर्राने लगती है
तुम्हारा कद भी घिसने लगता है
पहाड़ तब भी है , जब तुम नहीं हो





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