posted on : जून 30, 2022 11:27 अपराह्न
रुद्रप्रयाग : भारतीय गौ क्रांति मंच ने धर्म सम्राट करपात्री महाराज पर डाक टिकिट जारी होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। ज्ञात हो कि राजधानी दिल्ली के साउथ ब्लाक स्थित रक्षा मंत्रालय में बुधवार को धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज पर डाक टिकट जारी हुआ है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि करपात्री जी पर डाक टिकट जारी किया। इस अवसर पर भारत सरकार के संचार विभाग के राज्य मंत्री देबु सिंह चौहान एवं रक्षा विभाग के राज्य मंत्री अजय भट्ट भी उपस्थित रहे। भारतीय गौ क्रांति मंच जिला रुद्रप्रयाग के युवा शाखा के जिलाध्यक्ष अवधेश सेमवाल ने प्रसन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय डाक विभाग ने स्वामी करपात्री जी महाराज की स्मृति में बुधवार को एक स्मारक डाक टिकट जारी किया जो सनातन धर्म प्रेमियों के लिए गौरव एवं सम्मान की बात है।

जिलाध्यक्ष अवधेश सेमवाल ने बताया कि करपात्री महाराज 17 वर्ष की आयु में गृह त्याग कर चुके थे , वे दशनामी परंपरा के सन्यासी थे। दीक्षा के उपरान्त उनका नाम ‘हरिहरानन्द सरस्वती’ था किन्तु वे ‘करपात्री’ नाम से ही प्रसिद्ध थे क्योंकि वे अपने अंजुलि का उपयोग खाने के बर्तन की तरह करते थे।धर्मशास्त्रों में इनकी अद्वितीय एवं अतुलनीय विद्वता को देखते हुए इन्हें ‘धर्मसम्राट’ की उपाधि प्रदान की गई।
करपात्री महाराज जी द्वारा गौ रक्षा के लिए अद्वितीय कार्य किये गए। इंदिरा गांधी ने उनसे वादा किया था चुनाव जीतने के बाद गाय के सारे कत्लखाने बंद हो जायेगें, जो अंग्रेजों के समय से चल रहे हैं। लेकिन जब तत्कालीन प्रधानमंत्री ने संतों इस मांग को ठुकरा दिया, जिसमें संविधान में संशोधन करके देश में गौ वंश की हत्या पर पाबन्दी लगाने की मांग की गयी थी, तो संतों ने 7 नवम्बर 1966 को संसद भवन के सामने धरना शुरू कर दिया। हिन्दू पंचांग के अनुसार उस दिन विक्रमी संवत 2012 कार्तिक शुक्ल की अष्टमी थी जिसे ‘गोपाष्टमी’ भी कहा जाता है। गौरतलब है कि वर्तमान समय में भारतीय गौ क्रांति मंच की माँग गौ माता को राष्ट्रमाता के पद पर सुशोभित करने की है।


