posted on : जून 5, 2022 11:48 पूर्वाह्न
कोटद्वार । लोग अपनी दौड़ती-भागती जिन्दगी में पर्यावरण और इसके महत्त्व को अनदेखा कर देते हैं। प्रकृति जीवन का सबसे बड़ा आधार है। इसके संरक्षण के लिए हर किसी को आगे आकर इसके लिए काम करना होगा। क्योंकि हरा-भरा पर्यावरण ही हमारे जीवन और स्वास्थ्य पर सकारात्मक डालता है। इसी क्रम में रविवार को कोटद्वार रेलवे स्टेशन पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया ।
इस अवसर पर स्टेशन मास्टर रेलवे कमल नेगी ने कहा कि जिस प्रकार हमारा शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना है और एक भी तत्व के असंतुलित होने से शरीर बेकार हो जाता है उसी प्रकार प्रकृति में असंतुलन की स्थिति में कोई न कोई भयावह त्रासदी घटित हो जाती है। कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम वर्ष 1972 से संयुक्त राष्ट्र संघ की बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर पांच जून को पूरे विश्व में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में पत्रकार गौरव गोदियाल ने बताया कि बढ़ती हुई आबादी व औद्योगीकरण के फलस्वरूप आवश्यकताओं के लिए पानी, खनिज आदि का अत्यधिक दोहन होने के कारण विषय परिस्थितियां उत्पन्न हो रही है इसलिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए ।
सहायक स्टेशन अधीक्षक रेलवे रामाश्रय राम ने कहा कि जलवायु परिवर्तन मुख्य चुनौती है ।पर्यावरण असंतुलन का मुख्य कारण वृक्षों का कटान है । संगोष्ठी के बाद रेलवे परिसर में अशोक, आम, अमरुद, नीम के वृक्ष लगाए गए । इस अवसर पर जीआरपी चौकी से सन्दिप राणा, नरेश कठैत, आरपीएफ से हुकुम सिंह, दयाल सिंह राणा, बबीता के अलावा हीरा सिंह, प्रमोद भाटिया, विकास गौड, अमित गुप्ता, कुसुम, बीरू, चंद्रपाल, फूल सिंह, शैलेन्द्र सिंह रमोला आदि मौजूद रहे ।


