कोटद्वार : मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को सजा दिलाने के लिए एकजुट होकर सहयोग करना पड़ेगा तभी दोषियों को सजा मिल पाएगी. यह बात राज्य आन्दोलनकारी महेन्द्र सिंह रावत ने कही. महेंद्र सिंह रावत ने कहा कि मुजफ्फनगर कांड 1994 को लेकर एडवोकेट रमन शाह का संगठन आन्दोलनकारी अधिवक्ता संघ उत्तराखण्ड आन्दोलनकारी मंच देहरादून व आंदोलनकारी संगठन मिलकर विगत सात वर्षों से नैनीताल हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक शहीदों को न्याय दिलाने व दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रयासरत है।
राज्य आंदोलनकारी महेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड आंदोलन के दौरान अभिभाजित उत्तर प्रदेश में 1994 में 02 अक्टूबर को दिल्ली रैली के दौरान एक अक्टूबर 1994 रात्रि को प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों के साथ जघन्य कांड किया गया था। जिसमें बलात्कार, 6 हत्याएं व 17 छेड़खानी के 12 मुकदमें अभी भी सीबीआई कोर्ट मुजफ्फरनगर व लखनऊ में चल रहे है। जिनका निस्तारण 25 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी नहीं हुआ। जबकि आंदोलनकारी संगठन पिछली सरकार व वर्तमान सरकार से बार-बार अनुरोध कर रहा है कि सरकार आंदोलनकारियों की तरफ से पैरवी करें, लेकिन सरकार ने प्रयास नहीं किया। जिससे आंदोलनकारी संगठनों ने प्रयास शुरू कर दिये। सबसे पहले नैनीताल हाईकोर्ट के एडवोकेट रमन शाह ने न्यायालय द्वारा आंदोलनकारियों को परिभाषित रावडी (गुंडागर्दी) शब्द को 2015 में नैनीताल हाईकोर्ट से हटवाया।
राज्य आन्दोलनकारी महेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि एडवोकेट रमन शाह के नेतृत्व में विगत सात वर्षों से हाईकोर्ट नैनीताल व सुप्रीम कोर्ट में वाद चला जिसमें पाया गया कि 12 मुकदमों में से एक मुकदमा जिला जज देहरादून से केस नं. 42/96 को अभियुक्तों द्वारा 5 अप्रैल 2005 को अवैधानिक रूप से मुजफ्फरनगर सीबीआई कोर्ट में स्थानान्तरण करवा दिया गया। जिसमें 2018 में पीठासीन नं. 734/2018 नैनीताल हाईकोर्ट में दाखिल किया गया। 11 मार्च 2029 को कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए कहा आन्दोलनकारियों द्वारा 165/2020 रमन शाह बनाम उत्तराखण्ड सरकार व अन्य सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर किया गया। जिसमें सुप्रीम कोर्ट में लगातार सुनवाई के पश्चात 20 जुलाई 2020 को वीडियों कांन्फ्रेस के द्वारा सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने वाद खारिज कर नैनीताल हाईकोर्ट जाने के लिए कहा गया है। एडवोकेट रमन शाह के नेतृत्व में आन्दोलनकारी संगठनों द्वारा केस नं.42/96 को नैनीताल हाईकोर्ट में जाने के लिए विधिक काम लेकर तैयारी की जा रही है। बैठक में राज्य आन्दोलनकारी महेन्द्र सिंह रावत, भूपाल सिंह रावत, गुलाब सिंह रावत, विनोद अग्रवाल, संजू कश्यप, रईश अहमद, मनोहर सिंह रावत, अमित बहुगुणा, प्रवीन नेगी, विनोद पांडे, पीसी बडोला, प्रदीप नेगी, विजेन्द्र कुमार अग्रवाल आदि उपस्थित थे।




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