posted on : जून 1, 2022 5:41 अपराह्न
हरिद्वार : जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में एम0एस0 ऐक्ट 2013 के क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय सतर्कता समिति एवं जिला स्तरीय सर्वेक्षण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी को समाज कल्याण अधिकारी ने सीवर सफाई के दौरान सफाई कर्मियों की मृत्यु की घटना तथा उसका मुआवजा दिये जाने, सफाई कर्मियों का सर्वेक्षण किये जाने, सफाई कर्मियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराये जाने तथा नगर निगम एवं नगर निकायों जैसी अन्य संस्थाओं द्वारा नालों तथा सीवर टेंकों की सफाई करने वाले कर्मियों को क्या सुविधा दी जा रही है, के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी।
डीएम विनय शंकर पाण्डेय ने समाज कल्याण अधिकारी से रूड़की सीवर टैंक में हुई घटना में दिवंगतों के परिजनों को उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में मुआवजा राशि के उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में पूछा तो समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि इस घटना के पीड़ित परिवारों के आश्रितों को दस-दस लाख रूपये की धनराशि बैंक के माध्यम से उपलब्ध करा दी गयी है। बैठक में यह भी बताया गया कि जनपद में हाथ से काम करने वाले सफाई कर्मियों का सर्वेक्षण कराया गया था, जिसके अन्तर्गत लगभग 2258 कर्मियों का चिह्नांकन किया गया, जिन्हें इस कार्य से पृथक करने के लिये 40 हजार प्रति लाभार्थी के हिसाब से आर्थिक सहायता प्रदान की गयी तथा चिह्नांकित लाभार्थियों को ऋण/अनुदान उपलब्ध कराने की दिशा में निरन्तर कार्य किया जा रहा है।
बैठक में चर्चा के दौरान सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों ने सफाई कर्मियों को नगर निगम, नगरपालिका परिषद आदि संस्थाओं द्वारा मूलभूत सुविधायें उपलब्ध कराने का मामला उठाया। इस पर एमएनए हरिद्वार दयानन्द सरस्वती ने बताया कि नगर निगम हरिद्वार द्वारा नालों की सफाई करने वाले 124 कर्मियों को बूंट, ग्लब्स, जाकेट आदि उपलब्ध कराये गये हैं तथा जहां-जहां पर नाले चौड़े हैं, वहां-वहां उपकरणों की माध्यम से सफाई की जा रही है।
बैठक में चर्चा के दौरान सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों ने सफाई कर्मियों को नगर निगम, नगरपालिका परिषद आदि संस्थाओं द्वारा मूलभूत सुविधायें उपलब्ध कराने का मामला उठाया। इस पर एमएनए हरिद्वार दयानन्द सरस्वती ने बताया कि नगर निगम हरिद्वार द्वारा नालों की सफाई करने वाले 124 कर्मियों को बूंट, ग्लब्स, जाकेट आदि उपलब्ध कराये गये हैं तथा जहां-जहां पर नाले चौड़े हैं, वहां-वहां उपकरणों की माध्यम से सफाई की जा रही है।
जिलाधिकारी ने बैठक में समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिये कि वे एक सर्वे करायें कि किन-किन स्थानों में हाथ से मैला उठाया जाता है, किन-किन इलाकों में सोखपिट का इस्तेमाल किया जा रहा है तथा मैला उठाने तथा सफाई के लिये किन-किन उपकरणों/किट की आवश्यकता है, का एक पूरा विवरण एक महीने में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी उपकरण खरीदे जायेंगे, उनको संचालित करने का प्रशिक्षण मैनवल से सफाई करने वाले कर्मियों को दिया जायेगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों से सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने तथा सफाई कर्मियों में जागरूकता लाने में सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों में अपना सहयोग देने की अपेक्षा की ताकि जितनी भी योजनायें चल रही हैं, उनका वे अधिक से अधिक लाभ उठा सकें। उन्होंने सफाई कर्मियों के लिये एक विशेष लोन मेला आयोजित करने के भी निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार, अपर जिलाधिकारी(प्रशासन) पीएल शाह, एमएनए नगर निगम हरिद्वार दयानन्द सरस्वती, एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार, पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, डीइएसटीओ नलिनी ध्यानी, लीड बैंक मैनेजर संजय सन्त, सदस्य संदीप चरलिया, प्रिन्स लोहट, सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।



