दादा का सपना था प्रशासनिक सेवा में जाये पौता
गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के पोखरी विकास खंड के खाल गांव के प्रशांत नेगी यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) की परीक्षा में 397वीं रेंक प्राप्त कर चमोली जिले का नाम रोशन किया है। प्रशांत के दादा बाघ सिंह नेगी का सपना था कि उनका पौता प्रशानिक सेवा में जाय।

चमोली के प्रशांत बादल नेगी ने 397 वीं रैंक प्राप्त की है। प्रशांत का कहना है कि हर इंसान के अंदर एक क्षमता होती है। उस क्षमता को आगे लाने के लिए कड़ी मेहनत और एकाग्रता बेहद जरुरी है। इस सफलता को अर्जित करने के लिए सात साल तक कड़ी मेहनत की। प्रशांत ने इंटर तक की पढ़ाई राजकीय इंटर कालेज गोपेश्वर में करने के बाद ग्रेजुवेशन व एमबीए नोएडा से किया। प्रशांत बताते हुए है कि उन्होंने पांचवी बार में इस बार यूपीएससी की परीक्षा पास की है। वर्ष 2019 में साइकोलॉजी से नीट क्वालीफाइड भी किया है।
बताते है कि उनके दादा का संपना था कि उनका पौता प्रशासनिक सेवा में जाए। प्रशांत के दादा बाघ सिंह डायट गौचर में शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। हालांकि 2013 में प्रशांत के दादा का देहांत हो गया था। परंतु दादा के सपनों को साकार करने के लिए प्रशांत ने सात वर्ष तक कठोर मेहनत कर इस मुकाम को हासिल किया है। प्रशांत हाॅकी के भी अच्छे खिलाड़ी रहे है।
उन्होंने हाॅकी में प्रदेश में प्रतिनिधित्व भी किया है। प्रशांत के पिता हरेंद्र सिंह नेगी एक व्यवसायी हैं और माता पूनम नेगी गृहणी है। वर्तमान में प्रशांत के पिता हरेंद्र सिंह नेगी गोपेश्वर में एक दुकान चलाते है। यह इनका इकलौता पुत्र है। प्रशांत जो कि इस समय दिल्ली में और वहीं रह कर इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।




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