बुधवार, फ़रवरी 4, 2026
  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video
liveskgnews
Advertisement
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
liveskgnews
4th फ़रवरी 2026
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

भारत में मोबाइल नंबर 10 अंकों के ही क्यों? जानें इसके पीछे का गणित और इतिहास

शेयर करें !
posted on : अक्टूबर 14, 2025 1:12 पूर्वाह्न

नई दिल्ली: हम रोजाना अपने मोबाइल फोन से नंबर डायल करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि भारत में मोबाइल नंबर हमेशा 10 अंकों का ही क्यों होता है? अगर इसमें एक अंक कम या ज्यादा हो जाए, तो नंबर अवैध हो जाता है। आखिर 8, 9 या 11 अंकों के नंबर क्यों नहीं? आइए, इसके पीछे के गणित और इतिहास को समझते हैं।

10 अंकों का गणित

मोबाइल नंबर की लंबाई किसी भी देश की आबादी और जरूरतों के आधार पर तय की जाती है। 10 अंकों के नंबर सिस्टम में कुल 10 अरब नंबर संभव हैं। यह संख्या भारत जैसे विशाल आबादी वाले देश के लिए पर्याप्त है। अगर नंबर 9 अंकों का होता, तो केवल 100 करोड़ नंबर उपलब्ध होते, जो भारत की जरूरतों के लिए कम पड़ जाते। वहीं, 11 अंकों के नंबर से 100 अरब संभावनाएं बनतीं, जो जरूरत से ज्यादा होतीं और डायल करने में समय भी अधिक लगता। इसलिए, 10 अंकों का सिस्टम भारत के लिए सबसे उपयुक्त माना गया।

10 अंकों का मतलब

मोबाइल नंबर केवल एक पहचान नहीं, बल्कि एक ‘पता’ भी है, जो टेलीकॉम नेटवर्क को कॉल को सही दिशा में भेजने में मदद करता है। भारत में मोबाइल नंबर की संरचना इस प्रकार है:

पहले 4 या 5 अंक: ये ‘कंवर्टर कोड’ होते हैं, जो मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर (जैसे Jio, Airtel) और टेलीकॉम सर्कल (जैसे दिल्ली, मुंबई) की पहचान करते हैं।

बाकी 5 या 6 अंक: ये ग्राहक का यूनिक नंबर होता है, जो हर व्यक्ति के लिए अलग होता है।

क्या हमेशा से 10 अंक थे?

1990 के दशक तक भारत में टेलीफोन नंबर 6 या 7 अंकों के हुआ करते थे। लेकिन 2000 के दशक में मोबाइल क्रांति और बढ़ती जनसंख्या के कारण ग्राहकों की संख्या तेजी से बढ़ी। पुराने सिस्टम में नए ग्राहकों के लिए पर्याप्त नंबर उपलब्ध नहीं थे। इस चुनौती से निपटने के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने नई योजना बनाई और 2003 के आसपास पूरे देश में 10 अंकों के मोबाइल नंबर लागू किए गए।

10 अंकों का मोबाइल नंबर सिस्टम भारत की विशाल आबादी और टेलीकॉम जरूरतों के लिए एकदम सही है। यह न केवल पर्याप्त नंबर प्रदान करता है, बल्कि नेटवर्क को कॉल रूट करने में भी मदद करता है। अगली बार जब आप कोई नंबर डायल करें, तो याद रखें कि इसके पीछे एक सोचा-समझा गणित और सिस्टम काम कर रहा है!

https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2026/01/Video-Nivesh_UK.mp4
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Video-2025-09-15-at-11.50.09-PM.mp4

हाल के पोस्ट

  • डीजीपी उत्तराखंड की अपराध और कानून व्यवस्था पर हाई-लेवल समीक्षा बैठक, गंभीर आपराधिक घटनाओं में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के विरुद्ध सख़्त कार्यवाही, 03 उपनिरीक्षक सस्पेंड
  • जनसेवाओं का संगम : प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में 05 फरवरी को ग्राम द्वारा में बहुउद्देशीय शिविर, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम व जिलाधिकारी सविन बंसल शिविर में करेंगे प्रतिभाग
  • मुख्यमंत्री को बैरासकुंड महाशिवरात्रि मेले का आमंत्रण
  • उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड समाप्त
  • सलूड के ग्रामीणों ने सड़क सुधारीकरण को किया प्रदर्शन
  • तहसील दिवस पर फरियादियों ने रखी अपनी फरियाद
  • देश में संघमय होता दिख रहा समाज – खत्री
  • औली में जमेगा शीतकालीन खेलों का रोमांच
  • स्कूल बस की चपेट में आई स्कूटी, महिला की मौत
  • लोकसभा में राहुल गांधी का हमला, ‘ट्रेड डील से किसानों को नुकसान, एपस्टीन फाइल्स और अडाणी केस से PM पर दबाव
liveskgnews

सेमन्या कण्वघाटी हिन्दी पाक्षिक समाचार पत्र – www.liveskgnews.com

Follow Us

  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video

© 2017 Maintained By liveskgnews.

No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

© 2017 Maintained By liveskgnews.