सम्पादकीय

ड्रग पीड़ित व्यक्ति से अधिक जरूरी है, परिवार वालों की काउंसिलिंग करना

मनोज श्रीवास्तव देहरादून : ड्रग एडिक्शन के छुटकारा में पीड़ित व्यक्ति से अधिक उसके दोस्तों और परिवार की भूमिका अधिक...

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अभी नही तो कभी नही : हर सेकेंड के हर संकल्प का महत्व जानकर ही करते रहे श्रेष्ठ कर्म

मनोज श्रीवास्तव देहरादून : अभी नहीं तो कभी नहीं इस श्रेष्ठ स्लोगन के अनुसार कार्य करना है। जो भी श्रेष्ठ...

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कम संसाधनों में अनुकूलतम स्थिति प्राप्त करना कहलाता है बैलेंस

मनोज श्रीवास्तव देहरादून : पावरफुल स्थिति कल्याणकारी स्थिति कहलाती है। साईलेंस की स्टेज द्वारा पावरफुल स्थिति का अनुभव करते हैं।...

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अटेन्शन और चैकिंग है श्रेष्ठ विधि, स्वयं की करो चैकिंग दूसरो की नही

मनोज श्रीवास्तव देहरादून : अपने कर्म के प्रति श्वांसों श्वांस सेवा हो कर्म की याद और श्वासों श्वांस की सेवा...

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