कर्णप्रयाग (चमोली)। चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकासखंड के बिडोली सहित सात गांवों की पेयजल योजना पर लगातार दूषित पानी आने की शिकायत पर भी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की तो ग्रामीणों ने खुद की पेयजल टेंक में उतरकर टैंक की सफाई कर विभाग को आइना दिखाया। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार शिकायत के बाद भी विभागीय कर्मी सुध लेने को तैयार नहीं हैं।
पूर्व सैनिक देवेंद्र सिंह, गोविंद सिंह, वीरेंद्र सिंह, प्रेम सिंह आदि ने बताया कि करीब छह किमी लंबी मंगारा पेयजल योजना से बिडोली, धारडुंग्री, खोला, माखोली, नाकोट सहित सात गांवों को पेयजल आपूर्ति की जाती है। पिछली एक अगस्त को यहां पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिस पर जलसंस्थान ने वैकल्पिक व्यवस्था की। लेकिन लगातार दूषित पानी आने से गांवों में बीमारी की संभावना बन गई थी। जिस पर विभाग से कार्रवाई करने की मांग की गई। लेकिन विभाग ने सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने टैंक में उतरकर सफाई की। ग्रामीणों ने कहा कि टैंक में भारी मात्रा में गाद और गदंगी होने से दूषित पानी की संभावना बनी थी।
बोले अधिकारी
ग्रामीणों ने कहा वो खुद करेंगे
जलसंस्थान के अवर अभियंता मनमोहन राणा ने बताया कि विभाग अपने कर्मियों के साथ सफाई करने के लिए जा रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि वो खुद करेंगे। जिस पर विभाग ने सहमति दी। लेकिन अब ग्रामीणों के आरोप निराधार हैं।




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