- 10 दिवसीय कोर्स का समापन, गांवों में रोजगार और पलायन रोकने पर जोर
गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के सीमांत गांव वाण में साहसिक पर्यटन को रोजगार का जरिया बनाने के लिए 40 युवक-युवतियों को प्रशिक्षित किया गया। जिला पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित 10 दिवसीय एडवेंचर फाउंडेशन कोर्स का बुधवार को पुरस्कार वितरण के साथ समापन हुआ। पीजी कॉलेज गोपेश्वर और तलवाड़ी के प्रतिभागियों को पर्वतीय परिस्थितियों में साहसिक गतिविधियों के साथ नेतृत्व, अनुशासन और टीम भावना का प्रशिक्षण दिया गया।
समापन समारोह में ब्लॉक प्रमुख देवाल तेजपाल रावत ने प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि देवाल क्षेत्र में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इनका योजनाबद्ध विकास होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे क्षेत्र की आर्थिकी मजबूत करने के साथ पलायन रोकने में भी मदद मिल सकती है। उन्होंने युवाओं से अपने स्वरोजगार संबंधी विचारों और योजनाओं को संबंधित विभागों के सामने रखने की अपील की।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को साहसिक पर्यटन की विभिन्न गतिविधियों का व्यावहारिक ज्ञान देने के साथ प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण और पर्वतीय जीवनशैली से भी परिचित कराया गया। उद्देश्य युवाओं को पर्यटन आधारित आजीविका के लिए तैयार करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं विकसित करना रहा।
सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह गढ़वाली ने सीमांत गांव वाण में प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने के लिए जिलाधिकारी और जिला पर्यटन अधिकारी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से ग्रामीण युवाओं को नई दिशा मिलती है और उन्हें अपने क्षेत्र में ही आजीविका के अवसर तलाशने की प्रेरणा मिलती है।
इस दौरान ग्राम प्रधान नंदूली देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य हेमा देवी, मंदिर समिति अध्यक्ष एवं पूर्व ग्राम प्रधान कृष्णा बिष्ट, पर्यटन विभाग के प्रतिनिधि व प्रशिक्षक तथा सामाजिक कार्यकर्ता हीरा बुग्याली, संदीप बिष्ट, धर्मेंद्र बिष्ट, हेमंत बिष्ट समेत ग्रामीण एवं प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।







