कार्यशाला में श्रम विभाग के अधिकारियों ने श्रमिक पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, श्रमिक कल्याण कार्यक्रमों, कार्यस्थल सुरक्षा मानकों तथा श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन से संबंधित विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही श्रमिकों एवं नियोक्ताओं को उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं और योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
अधिकारियों ने कहा कि श्रम कानूनों का अनुपालन न केवल श्रमिकों के हितों की रक्षा करता है, बल्कि उद्योगों में बेहतर कार्य वातावरण और उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायक होता है। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान करते हुए योजनाओं के व्यावहारिक पहलुओं पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम में औद्योगिक आस्थान की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों एवं उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस दौरान श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सुरक्षित कार्यस्थल के निर्माण तथा उद्योगों में श्रम कानूनों के अनुपालन को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
प्रतिभागियों ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को उद्योगों और श्रमिकों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए जिला उद्योग केंद्र एवं श्रम विभाग के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सोमनाथ गर्ग, प्रबंधक उपासना सिंह, आर.पी. आर्य, सिडकुल के सचिव विवेक चौहान, सिडकुल अध्यक्ष सुनील गुप्ता, सिताबपुर औद्योगिक आस्थान अध्यक्ष प्रतीक गुप्ता, श्रम विभाग से कुलदीप सिंह एवं रणजीत सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।




