कर्णप्रयाग (चमोली)। चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकासखंड के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में लगे बिजली के कनेक्शन का बिल लाखों में आने से शिक्षा महकमा परेशान है। शिक्षा विभाग के अनुसार कई जगह मीटर कुछ समय पहले ही लगा तो कई जगह फीटिंग न होने से उपयोग ही नहीं है। ऐसे में ऊर्जा निगम ने बिल भुगतान के लिए भेजे हैं। लेकिन कई स्कूलों में बिल की राशि लाखों में है। लाखों का बिल देख विभाग के हाथ पांव फूल गए हैं।
शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष त्रिलोक सिंह नेगी का कहना है कि वर्ष 2012 में ब्लाक के करीब 50 स्कूलों में बिजली कनेक्शन लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने ऊर्जा निगम को जमानत राशि जमा की। लेकिन विभाग आज भी पूरे स्कूलों में बिजली व्यवस्था सुचारू नहीं कर पाया है। कहीं मीटर लगे हैं कहीं कनेक्शन ही नहीं। नेगी ने बताया कि प्रावि खाल्यूग्वाड़ में 2019 में भवन बना जिसके बाद यहां बिजली का कनेक्शन चालू हुआ लेकिन विद्यालय का बिजली का बिल एक लाख 81 हजार से अधिक आया है। प्रावि बंदरखंड का बिजली का बिल 82 हजार से अधिक है। शिक्षकों का कहना है कि यहां इतना उपयोग ही नहीं है। जितना बिल ऊर्जा निगम ने थमाया है। प्रावि तोली धानई का बिजली का बिल एक लाख 70 हजार है। यहां मीटर लगा है। शिक्षकों का कहना है कि बिना रीडिंग के बिल थमाया जा रहा है। यही नहीं प्रावि जयकंडी में कनेक्शन नहीं है मीटर लगा है। तो डोंठला में न मीटर है न कनेक्शन यहां केवल चुनाव के समय की वैकल्पिक लाइन खिंची है। यही नहीं कोटी के ग्वालखेत में 2012 के आवेदन पर मीटर 2018 में लगाया लेकिन बिल 2017 में ही पांच हजार का भेज दिया। नेगी ने ऊर्जा निगम और शिक्षा विभाग से मामले में उच्चस्तरीय कार्रवाई करने की मांग की है।
अधिकारी बोले
ऊर्जा निगम के एसडीओ मुकेश शर्मा ने कहा कि आठ साल बाद शिक्षा विभाग को बिजली के कनेक्शनों की याद आई है। जमानत राशि जमा होने के बाद यदि कनेक्शन खुल गया तो बिल का जेनरेट होगा ही। साथ ही ऊर्जा निगम ने सभी जगह कनेक्शन और मीटर लगाए होंगे। ऐसे में मीटर, कनेक्शन के बिल कहां गये यह जांच का विषय है।




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