नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अमेरिका-भारत ट्रेड डील के पीछे PM पर भारी दबाव है, जिसकी वजह से उन्होंने देश के हितों को बेच दिया है। राहुल ने आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल्स और अमेरिका में अडाणी पर चल रहे केस के कारण मोदी ‘कंपरोमाइज्ड’ हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हर बात मान रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास में पहली बार विपक्ष के नेता को सदन में बोलने नहीं दिया गया, जो लोकतंत्र पर हमला है।
राहुल गांधी ने सदन में कहा, “मोदी जी घबराए हुए हैं। पिछले कुछ महीनों से रुका हुआ अमेरिका-भारत व्यापार समझौता कल रात नरेंद्र मोदी ने साइन कर दिया। उन पर बहुत दबाव है। नरेंद्र मोदी की छवि खराब हो सकती है। मुख्य बात यह है कि हमारे प्रधानमंत्री की छवि खराब हो गई है। जनता को इस बारे में सोचना चाहिए। पहली बार राष्ट्रपति के भाषण में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया। नरेंद्र मोदी जी ने इस व्यापार समझौते में आपकी मेहनत बेच दी है क्योंकि उनकी छवि खराब हो गई है।
उन्होंने देश को बेच दिया है। नरेंद्र मोदी जी डरे हुए हैं क्योंकि जिन्होंने उनकी छवि बनाई, वही अब उसे बिगाड़ रहे हैं… अमेरिका में अडाणी पर केस चल रहा है, असल में यह मोदी जी पर ही केस है… एपस्टीन फाइल्स में और भी बहुत कुछ है जो अमेरिका ने अभी तक जारी नहीं किया है। इसकी वजह से भी दबाव है। ये दो मुख्य दबाव बिंदु हैं। देश को यह समझना चाहिए।” राहुल ने जोर देकर कहा कि इस ट्रेड डील से भारत के किसानों और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान होगा, क्योंकि मोदी ने अमेरिका के दबाव में आकर इसे स्वीकार किया। उन्होंने दावा किया कि PM की छवि को बचाने के लिए देश के हितों का सौदा किया गया है।
इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि सरकार को संसद को विश्वास में लेना चाहिए और ट्रेड डील के पूरे मसौदे दोनों सदनों में रखकर व्यापक चर्चा करानी चाहिए। रमेश ने कहा, “एक साल पहले, प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ट्रंप के दोबारा चुने जाने पर उन्हें बधाई देने के लिए व्हाइट हाउस पहुंचे थे। वहां उन्होंने अपनी मशहूर झप्पी कूटनीति का पूरा प्रदर्शन किया। भारत-अमेरिका संबंध इससे पहले कभी इतने संभावनाओं से भरे नहीं लगे थे।”
उन्होंने आगे कहा, “इसके तुरंत बाद एक ट्रेड डील के लिए बातचीत शुरू हुई। लेकिन 10 मई, 2025 की शाम को राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ऑपरेशन सिंदूर को रोकने की पहली घोषणा किए जाने के बाद से हालात बिगड़ने लगे। इसके बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ निकटता दिखाते हुए फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की गर्मजोशी से मेजबानी की, जिससे प्रधानमंत्री मोदी की खोखली झप्पी कूटनीति की पोल खुल गई। रमेश ने दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय समयानुसार सोमवार देर रात व्यापार समझौते की घोषणा की और इससे स्पष्ट है कि मोदी ने पूरी तरह समर्पण कर दिया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप को खुश करने की नीति से भारत की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।




