कोटद्वार । प्रदेश के पूर्व काबीना मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने भाबर क्षेत्र में स्थित राजकीय महाविद्यालय में विज्ञान भवन के निर्माण में की गयी देरी के लिए प्रदेश सरकार की ढुलमुल नीति को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि उक्त भवन को डेढ साल पहले बन जाना चाहिए था, जिससे छात्रों को विज्ञान संकाय में दाखिला लेने में कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता।
प्रेस को जारी विज्ञप्ति में पूर्व काबीना मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उनके अथक प्रयास से कोटद्वार भाबर में उत्तराखंड प्रदेश के ऐतिहास में पहला ऐसा महाविद्यालय खोला गया जिसमें आर्ट्स के साथ सांइस की भी मान्यता दी गयी है। पूर्व काबीना मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि उनकी मंसा थी कि आर्टस एवं विज्ञान संकाय का महाविद्यालय खुलने से भाबर क्षेत्र में निवास करने वाले गरीब, मेधावी छात्रों को निकट के ही कम खर्च पर महाविद्यालय में पढने का अवसर प्रदान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में ही महाविद्यालय के विज्ञान भवन के निर्माण के लिए पूरी धनराशि स्वीकृत करवा दी थी, लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने से प्रदेश सरकार ने डेढ साल तक बकाया 74 लाख की धनराशि को अवमुक्त नहीं करवाया गया। पूर्व काबीना मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने विज्ञान भवन के बिलम्ब पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार उच्च शिक्षा सचिव से लगातार टेलीफोनिक वार्तालाप करने के बाद लगभग डेढ साल के बाद प्रदेश सरकार के द्वारा उक्त बकाया 74 लाख की धनराशि को अवमुक्त करवाया गया है।




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