posted on : अक्टूबर 27, 2021 3:28 अपराह्न
चम्पावत : उत्तराखण्ड में आई आपदा ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में नुकसान पहुंचाया है। कुमाऊं के देहात क्षेत्र में जान माल का सर्वाधिक नुकसान हुआ है। चंपावत जिले के विकासखंड चंपावत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पिनाना व तलाड़ी तोक में भी भारी तबाही हुई है। ग्राम प्रधान रोहित भट्ट ने चंपावत के जिलाधिकारी और आपदा कंट्रोल को पत्र लिखा है। जिसमें पुलों, चकडैम के निर्माण व पेयजल लाइन आपूर्ति हेतु सहायता मांगी गई है। 18 व 19 अक्टूबर को बादल फटने के कारण भारी तबाही मच गई है। जिसका आंकलन करना भी मुश्किल हो रहा है। ग्राम प्रधान ने बताया कि इस घटना की वजह से नदी से सटे खेत बर्बाद हो गए हैं। खेतों को काटकर नदी ने रास्ता बना लिया है। जिसकी वजह से करीब 30-40 मकान खतरे की जद में आ गए हैं। खतरे को देखते हुए मकान मालिक घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए हैं।
ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी चंपावत से पत्र लिखकर अपील की है कि मार्ग को दुरस्त कराने के लिए कदम उठाए जाएं। वगरना आने वाले दिनों में ग्राम के रहवासियों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने यह भी बताय़ा कि पेयजल की सभी लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। 1992 के बाद से बने चकडैम के कारण काफी जमीन और कई घरों का बचाव हुआ। मगर अब ग्राम में 60 से 70 और चकडैमों की आवश्यकता है। गौरतलब है कि लोगों का जनजीवन आपदा ने अस्त व्यस्त कर दिया है। आपदा ग्रसित क्षेत्रों के लोग लगातार सहायता की मांग कर रहे हैं।
उत्तराखण्ड विकास पार्टी के सचिव एडवोकेट जगदीश चन्द्र जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गाँववासियों की सहायता के लिए विशेष सहायता देने की अपील की है, एडवोकेट जगदीश चन्द्र जोशी ने कहा कि गाँव की समस्या के बारे में न तो नेता बता रहे हैं और न ही मीडिया सही तरीके से गाँव की समस्या का आंकलन कर रहा है जिस वजह से ग्रामीण लोगों को मिल सकने वाली सहायता भी नहीं मिल पा रही है।


