पौड़ी : उत्तराखण्ड कृषि निदेशालय से प्रेषित पत्र के अनुपालन में मुख्य कृषि अधिकारी पौड़ी देवेन्द्र सिह ने टिड्डी से फसलों की सुरक्षा हेतु कास्तकारों को आवश्यक जानकारी दी। उन्होने बताया कि कोरोना संक्रमण के बीच कृषकों पर टिड्डी दल का खतरा मण्डराने लगा लगा है। टिड्डी दल राजस्थान से उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर गया तथा उत्तराखण्ड राज्य में भी इसके आने का खतरा बना हुआ है। टिड्डी दल ज्यादातर फसलों जैसे मक्का, मूंग, उड़द, गन्ना, सब्जियां, आम आदि को खत्म कर देता है। उन्होने कास्ताकारों को अपनी फसलों की सुरक्षा हेतु टिड्डी दल से सावधान रहने को कहा।
बताया कि टिड्डी दल लाखों की संख्या में झुण्ड बनाकर चलता है। यह दिन के समय नये क्षेत्र में प्रवेश करता है तथा सायं के समय खाली जमीन या पौधों पर आराम करता है। उन्होने टिड्डी दल के हमले से बचने के लिये कृषकों को एक साथ टिन डिब्बे या थालियां बजाने, शोर मचायें, खेत में धुंआ करने, खेत में पानी भरनें जिससे टिड्डी दल खेत में बैठने न पायें। टिड्डी दल की रोकथाम सुबह 5.00 बजे 8.00 बजे तक क्लोरपाईरीफाॅस 20 प्रतिशत ई0सी0 या लैम्बडा साईहैलोथरीन 5 प्रतिशत ई0सी0 के छिड़काव से की जा सकती है।
उन्होने सभी किसान भाईयों से अपील है कि टिड्डी दल से निरंतर अपने खेतों की निगरानी रखें तथा बचाव के उपाय करें। टिड्डी प्रकोप होने पर अपने मुख्य कृषि अधिकारी, कृषि रक्षा अधिकारी, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी, विकास खण्ड प्रभारी एवं न्याय पंचायत प्रभारी से सम्पर्क करें तथा मुख्य कृषि अधिकारी, के कार्यालय के दूरभाष नं0-01368-221964 तथा कृषि निदेशालय के टोल फ्री नं0-18001800011 से सम्पर्क करने को कहा।





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