posted on : अगस्त 13, 2022 3:13 अपराह्न
कोटद्वार । उत्तराखंड राज्य के विद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में छात्र छात्राओं के लिए वृक्षारोपण एवं संरक्षण को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने के लिए महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. किशोर सिंह चौहान ने विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी को प्रस्ताव प्रेषित किया और उनसे वार्ता करते हुए उनको उत्तराखंड के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए वृक्षारोपण संरक्षण कार्यक्रम को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करवाने के महत्व के विषय में बताया । डॉ. किशोर चौहान ने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि यदि उत्तराखंड के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए वृक्षारोपण संरक्षण कार्य अनिवार्य किया जाता है, जहां एक ओर वन संरक्षण के क्षेत्र में सफलता मिलेगी वहीं विद्यार्थियों को विद्यार्थी जीवन से ही वनों के प्रति व्यवहारिक ज्ञान होगा और वह वन संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे । क्योंकि आने वाले समय में वृक्षारोपण एवं संरक्षण का कार्य समय की मांग है। जैसा कि जलवायु परिवर्तन ग्लोबलवॉर्मिंग ,पर्यावरण प्रदूषण और प्राकृतिक आपदाएं निरंतर बढ़ती जा रही है। इन सब को कम करने के लिए समय से जागरूक होने की आवश्यकता है ।
डॉ. किशोर सिंह चौहान के प्रस्ताव पर विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने आश्वासन दिया कि इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा और इसे उत्तराखंड राज्य के समस्त विश्वविद्यालयों पर लागू करवाया जाएगा। शनिवार को करियर काउंसलिंग की मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रही थी। इस अवसर पर उन्होंने महाविद्यालय परिसर पर वृक्षारोपण भी किया। डॉ. किशोर सिंह चौहान का कहना है कि वह विगत कई वर्षो से 30 विद्यार्थियों के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने एनसीईआरटी भारत सरकार को वृक्षारोपण संरक्षण कार्य को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए पत्र प्रेषित किया है, जिसके प्रत्युत्तर में एनसीईआरटी ने डॉक्टर चौहान को पत्र लिखकर अवगत कराया कि प्रत्येक राज्य वृक्षारोपण एवं संरक्षण के लिए पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने हेतु प्रस्ताव प्रेषित कर सकते हैं। तो इसमें विचार विमर्श किया जा सकता है ।
इसी क्रम में डॉ किशोर चौहान ने भारत के समस्त राज्य सरकारों एवं मुख्यमंत्रियों को भी पत्र प्रेषित कर वृक्षारोपण संरक्षण कार्य को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करवाने का अनुरोध किया। डॉ चौहान के प्रस्ताव पर दिल्ली विश्वविद्यालय में 2022 से प्रत्येक विद्यार्थी के लिए वृक्षारोपण संरक्षण कार्य अनिवार्य किया जा चुका है ।इसी प्रकार से फिलीपींस में भी प्रत्येक विद्यार्थी के लिए 10 पौधारोपण एवं उनका संरक्षण लागू किया गया है। डॉ चौहान का कहना है कि यदि संपूर्ण भारतवर्ष में विद्यार्थियों के लिए वृक्षारोपण एवं संरक्षण अनिवार्य कार्य किया जाता है तो, निश्चित रूप से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में हम काफी सफलता हासिल कर सकते हैं जोकि जलवायु कम करने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।


