posted on : अगस्त 4, 2022 5:00 अपराह्न
सतपुली । उत्तराखंड के अंदर निर्माण कार्यो में ठेकेदारों से वसूली जाने वाली रॉयल्टी के संबंध में अव्यवहारिक शासनादेश के विरुद्ध लामबंद हुए प्रदेश स्तरीय ठेकेदार संगठनों के समर्थन में नयार घाटी ठेकेदार संगठन ने गुरुवार को लोक निर्माण विभाग निरीक्षण भवन सतपुली में धरना दिया । उपस्थित ठेकेदारों ने विभिन्न विभागों में निर्माण कार्यो को वर्ष 2018 से अवैध खनन के अंतर्गत लाने वाले शासनादेश का पुरजोर विरोध किया । इस शासनादेश के अंतर्गत ठेकेदारों से रॉयल्टी का 5 गुना अर्थदंड वसूल किया जाएगा क्योंकि ठेकेदारों द्वारा किए जाने वाले कार्य के उपयोग में लाए जाने वाले उप खनिज के लिए एम11 और फॉर्म जे की अनिवार्यता कर दी गई है। जोकि मई 2018 से लागू हो चुकी है। जिसके अंतर्गत विभिन्न विभागों में कार्यरत सभी ठेकेदारों को डिफाल्टर घोषित कर 5 गुना पेनाल्टी लगाकर अर्थदंड वसूली का आदेश है। जबकि ठेकेदारों के द्वारा किए गए कार्यों के बिलों से निर्धारित रॉयल्टी काटकर ही भुगतान किया जाता है। खनन विभाग से जारी इस शासनादेश से पूरे प्रदेश के अंदर विकास कार्य प्रभावित हो चुके हैं। ठेकेदारों के लिए कार्य करना असंभव हो गया है। क्योंकि एम11 और फॉर्म जे के बगैर जमा होने वाली रॉयल्टी पर 5 गुना दंड लगाया जा रहा है। छोटे ठेकेदार के लिए खनन की विधिवत परमिशन लेना असंभव है।
उपस्थित ठेकेदारों ने सरकार से मांग की है कि इस शासनादेश को निरस्त करते हुए विकास कार्यों में लगे सभी निर्माण दाई विभागों, संस्थाओं को अवैध खनन नियमावली से हटाकर पूर्व की स्थिति बहाल की जाए। इस संबंध में निर्णय लिया गया कि शुक्रवार को पौड़ी में होने वाले धरने प्रदर्शन में सभी ठेकेदार भाग लेंगे और जिलाधिकारी व आयुक्त महोदय के माध्यम से अपनी बात शासन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। बैठक और धरना संगठन के अध्यक्ष विनोद नेगी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ । बैठक में कैलाश सकलानी, देवेंद्र धस्माना, गणेश सिंह रावत, गजेंद्र सिंह रावत, प्रदीप लखेड़ा, मनोज कुमार, दीपक सिंह, धनवान सिंह, बलवीर सिंह, संतोष पुंडीर, विजय डोभाल, संजय गुसाई सहित लगभग दो दर्जन ठेकेदारों ने भाग लिया।


