posted on : फ़रवरी 18, 2022 1:03 अपराह्न
उत्तरकाशी (कीर्तिनिधी सजवाण): हिमालयी क्षेत्रों के दुर्लभ वन संपदा काजल की लकड़ी को फिल्म पुष्पा के अंदाज में पुष्पा बनकर अवैध रुप से तस्करी करते हुये दो व्यक्तियों को आज प्रातः उत्तरकाशी पुलिस द्वारा पकडा गया है। पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी पीके राय द्वारा जनपद में नशे पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने के साथ-साथ अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम हेतु सभी क्षेत्राधिकारी/थाना प्रभारी/चौकी प्रभारियों को सतर्क रहकर रुटीन चैकिंग के निर्देश दिये गये हैं।
जिसके क्रम में क्षेत्राधिकारी उत्तरकाशी अनुज कुमार के पर्यवेक्षण एवं एसएचओ मनेरी दिनेश कुमार, व उपनिरीक्षक प्रकाश राणा, प्रभारी कोतवाली उत्तरकाशी की देखरेख में आज प्रातःसुचान पर डुण्डा पुलिस द्वारा स्थान वन विभाग बैरियर देवीधार से वाहन संख्या UK 07DD-2230(TATA TIGOR) से दो तस्करों शरत सिंह उत्तर सिंह वीर सिंह निवासी ग्राम कनेणा पोस्ट ऑफिस डोण्डा थाना थैलीसैण पौड़ी गढ़वाल उम्र लगभग 40 वर्ष व पेमा पुत्र छंगु निवासी ग्राम उमला नेपाल उम्र 25 वर्ष को प्रतिबन्धित काजल-काठ की लकड़ी की तस्करी करते हुये पकड़ा गया। वाहन से 318 नग लकड़ी बरामद किये गये। (जिसकी कीमत लगभग 3200000 रुपए) ये लोग भटवाड़ी के सिल्ला क्षेत्र से इस प्रतिबन्धित लकड़ी को उत्तर-प्रदेश, सहारनपुर ले जा रहे थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने इनको नाकाम कर दिया। गंगोरी बैरियर पर तैनात पुलिस जवानों द्वारा वाहन को रोकने की कोशिश की गई थी लेकिन ये लोग बैरियर को टक्कर मारकर वहां से भाग निकले, जिस पर वन विभाग बैरियर देवीधार पर जाल बिछाकर चौकी प्रभारी डुण्डा उपनिरीक्षक संजय शर्मा के नेतृत्व में पुलिस बल द्वारा इनको दबोच लिया गया। अग्रिम विधिक कार्रवाई हेतु इनको प्रतिबन्धित लकड़ी के साथ वन विभाग के सुपुर्द किया गया।
पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी द्वारा बताया गया कि काजल की लकड़ी उच्च हिमालय के आरक्षित वन क्षेत्र में पाई जाती है। काजल औषधीय दृष्टिकोण से सर्वोत्तम मानी जाती है। इसे बौद्घ सम्प्रदाय के लोग इसके बर्तन (बाउल) बनाकर खाद्य एवं पेय पदार्थों के लिए इस्तेमाल करते हैं। भारत, चीन, तिब्बत, नेपाल आदि देशों में इस लकड़ी की तस्करी कर उच्च कीमतों पर बेचा जाता है। माल पकड़ने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए उनके द्वारा टीम को 1100रु0/ का पारितोषिक प्रदान किया गया।
पुलिस टीम
- उपनिरीक्षक संजय शर्मा-चौकी प्रभारी डुण्डा
- कानि. भीम सिंह- चौकी डुण्डा
- कानि. सतीश भट्ट चौकी डुण्डा
- कानि0 राजेन्द्र पंवार चौकी डुण्डा
- कानि0अजय रमोला चौकी डुंण्डा
- कानि0 सुनील मैठाणी-चौकी गंगोरी
- कानि0 उत्तम पुण्डीर चौकी गंगोरी



