posted on : अगस्त 24, 2022 6:24 अपराह्न
पौड़ी : पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड अशोक कुमार की पहल पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद पौड़ी गढवाल यशवन्त सिंह चौहान निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार शेखर चन्द्र सुयाल क्षेत्राधिकारी कोटद्वार गणेश लाल कोहली, क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन/ नोडल अधिकारी वैभव सैनी के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी एएचटीयू उपनीरीक्षक सुमनलाता के नेतृत्व में 02 माह लिए प्रदेश स्तर पर चलाए जा “ऑपरेशन मुक्ति” इस अभियान की थीम “भिक्षा नहीं शिक्षा दें” व ” support to educate a chaild” है। वर्तमान में “ऑपरेशन मुक्ति” के तहत उत्तराखंड पुलिस द्वारा ऐसे शिक्षा से वंचित बालकों को चिन्हित एवं उन बालकों के माता- पिता, सामाजिक कार्यकर्ता, स्कूल/कॉलेजों के अध्यापक एवं विधार्थियों को शिक्षा से वंचित बालकों का सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो बालक या तो भीख मांग रहे है या पढ़ाई छोड़कर अन्य कोई काम कर रहे है।
उत्तराखंड जनपद पौड़ी गढ़वाल “ऑपरेशन मुक्ति” टीम के उप निरीक्षक (वि.श्रे.) कृपाल सिंह मय पुलिस टीम द्वारा एक कहानी को स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ फिल्माया गया। इस कहानी में (काल्पनिक नाम) चंदर नाम का एक बालक जब लगातार स्कूल जाता है, तो वह अपनी क्लास में बहुत होशियार होता है। जैसे-जैसे चंदर अपने पिता के काम में हाथ बटाने लगता है। वैसे- वैसे चंदर अपनी क्लास के और बालकों से पढ़ाई में काफी पिछड़ जाता है। चंदर के पिताजी अब अपना सारा काम चंदर से ही कराते एवं खुद अपनी रिश्तेदारियों में घूमते रहते है। चंदर के काफी दिनों तक स्कूल न आने के कारण उसका नाम स्कूल से कट जाता है। उत्तराखंड पुलिस के “ऑपरेशन मुक्ति” अभियान के तहत बालक चंदर और इनके पिता को चंदर को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित करती है। चंदर और चंदर के पिताजी उत्तराखंड पुलिस की अपील को मान लेते है और उत्तराखंड पुलिस चंदर का नाम स्कूल में खुद जाकर जुड़वा देती है। चंदर फिर से स्कूल में जाकर पढ़ाई करने लगता है।
पुलिस टीम
- प्रभारी सुमनलता
- उप निरीक्षक कृपाल सिंह
- HC योगेंद्र सिंह
- कांस्टेबल मुकेश कुमार
- कांस्टेबल आशीष बिष्ट
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कांस्टेबल सज्जन कुमार
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महिला कांस्टेबल विद्या मेहता


