- डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर तड़के 4 बजे चला विशेष अभियान, 5 बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति
हरिद्वार। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली स्लीपर और लग्जरी बसों के खिलाफ हरिद्वार में परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर शुक्रवार तड़के चार बजे से चलाए गए विशेष आकस्मिक प्रवर्तन अभियान में 50 से अधिक वाहनों के चालान किए गए, जबकि पांच बसों को सीज कर दिया गया। गंभीर तकनीकी और सुरक्षा संबंधी खामियां मिलने पर पांच बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति भी की गई है।
स्वीकृत संरचना में बदलाव, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर कार्रवाई
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य स्लीपर और लग्जरी बसों में निर्धारित तकनीकी मानकों, परमिट की शर्तों और यात्री सुरक्षा संबंधी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) आनंद वर्धन भी शामिल रहे।
जांच के दौरान बसों की तकनीकी स्थिति, आपातकालीन निकास, वाहन की संरचना, सुरक्षा उपकरणों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। निर्धारित स्वीकृत संरचना में अनधिकृत बदलाव और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई की गई।
जांच में सामने आईं कई गंभीर खामियां
प्रवर्तन अभियान के दौरान कई प्रकार की अनियमितताएं सामने आईं। इनमें वाहनों की स्वीकृत संरचना में अनधिकृत परिवर्तन, परमिट की शर्तों का उल्लंघन, पर्यटक वाहनों का निर्धारित प्रयोजन से अलग इस्तेमाल और सड़क सुरक्षा के तकनीकी मानकों की अनदेखी शामिल है।
इसके अलावा कुछ वाहनों में आपातकालीन निकास व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। वाहन चालकों द्वारा वैध ड्राइविंग लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने, रिफ्लेक्टर व ध्वनि नियंत्रण संबंधी मानकों के उल्लंघन तथा कर संबंधी अभिलेखों में अनियमितताओं के मामले भी सामने आए।
आग या दुर्घटना में यात्रियों की जान पर बन सकता है खतरा
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि स्लीपर और लग्जरी बसों में स्वीकृत संरचना के विपरीत बदलाव यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। विशेषकर आग लगने या दुर्घटना जैसी आपातकालीन स्थिति में निकास व्यवस्था और सुरक्षा उपकरणों का निर्धारित मानकों के अनुरूप होना जरूरी है। गंभीर तकनीकी खामियों वाली बसों के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
हरिद्वार में प्रवेश करने वाली बसों की होगी जांच
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा ने बताया कि यह अभियान एक दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। आगामी दिनों में भी विभिन्न मार्गों और प्रवेश स्थलों पर आकस्मिक जांच की जाएगी। जांच का समय और स्थान बदलते हुए सुबह, रात और अन्य समयावधियों में भी कार्रवाई होगी।
विभाग का लक्ष्य जनपद हरिद्वार की सीमा में प्रवेश करने वाली प्रत्येक स्लीपर और लग्जरी बस की जांच सुनिश्चित करना है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन कार्रवाई से बच न सकें। विशेष रूप से दूसरे राज्यों से आने वाली बसों की तकनीकी स्थिति, परमिट और यात्री सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी।
बस संचालकों को मानकों के पालन की हिदायत
परिवहन विभाग ने सभी स्लीपर और लग्जरी बस संचालकों को अनधिकृत संरचनात्मक बदलाव नहीं करने तथा फिटनेस, परमिट और सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर चालान, वाहन सीज करने और आवश्यकतानुसार फिटनेस प्रमाणपत्र व परमिट के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के क्रम में परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा और यात्रियों का सुरक्षित आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेगा।







