आयोग के अध्यक्ष डॉ. रवि दत्त गोदियाल ने मुख्य अतिथि एवं आयोग के पूर्व अध्यक्ष के. आर्या (आईएएस सेवानिवृत्त), विशिष्ट अतिथि डॉ. सुधा रानी पाण्डे सहित अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आयोग ने पिछले 25 वर्षों में 220 से अधिक सीधी भर्ती परीक्षाओं के माध्यम से 25 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का चयन कर राज्य को गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि पदोन्नति चयन को शामिल करने पर यह संख्या 40 हजार से अधिक हो जाती है।
डॉ. गोदियाल ने कहा कि आयोग युवाओं को निष्पक्ष और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि परीक्षाओं को समयबद्ध तरीके से कराने के लिए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी किया जा रहा है तथा ऑनलाइन सत्यापन, डिजिटल मूल्यांकन और परीक्षा केंद्रों के ऑनलाइन प्रबंधन जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाया जा रहा है।
पेपर लीक रोकने को एआई तकनीक का सहारा
समारोह में आयोग के सचिव अशोक कुमार पाण्डेय ने आयोग की 25 वर्षों की यात्रा और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पेपर लीक, फर्जी अभ्यर्थियों और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं को रोकने के लिए आयोग एआई तकनीक, शुचिता ऐप, डिजीलॉकर और परीक्षा केंद्र मैनेजमेंट सिस्टम जैसे आधुनिक उपायों को लागू कर रहा है। इस दौरान आयोग की उपलब्धियों और विकास यात्रा पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री भी प्रस्तुत की गई।
‘मेधा’ स्मारिका और रजत जयंती लोगो का विमोचन
रजत जयंती समारोह के अवसर पर आयोग द्वारा “स्मारिका मेधा” के विशेषांक का विमोचन किया गया। साथ ही आयोग के रजत जयंती लोगो का अनावरण भी किया गया, जिसे पूर्व अध्यक्ष मेजर जनरल आनन्द सिंह रावत ने डिजाइन किया है। यह लोगो आयोग के मूल सिद्धांतों – उत्कृष्टता, पारदर्शिता और निष्पक्षता – का प्रतीक बताया गया।
अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए आयोग ने “UKPSC-MITRA” मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया, जिसके माध्यम से परीक्षाओं से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में उपलब्ध कराई जाएंगी।
पूर्व अध्यक्षों और सदस्यों को किया सम्मानित
समारोह में आयोग के पूर्व अध्यक्षों, पूर्व सदस्यों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए आयोग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता की सराहना की। मुख्य अतिथि कृष्ण आर्य ने आयोग के शुरुआती दौर की चुनौतियों को याद करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद आयोग ने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है।
कार्यक्रम के दौरान आयोग के पूर्व अध्यक्षों एवं सदस्यों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह का समापन राष्ट्रगान और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।



