posted on : मार्च 31, 2022 7:28 अपराह्न
देहरादून : SDRF उत्तराखंड द्वारा , राज्य के 16 संस्थानों के मास्टर ट्रेनर्स को वाहिनी मुख्यालय जॉलीग्रांट में दिया गया आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण। SDRF उत्तराखंड पुलिस द्वारा गठन के पश्चात से ही लगातार राज्य भर में रेस्क्यू कार्यो के साथ-साथ प्रशिक्षण व जनजागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे है। आपदा प्रशिक्षण कराए जाने का उद्देश्य आपदा के दौरान कम से कम समय मे जान माल की क्षति का न्यूनीकरण करना है। वर्तमान समय तक SDRF उत्तराखंड द्वारा हजारों पुलिस/पीएसी, होमगार्ड, पीआरडी, आपदा स्वयंसेवक, महिला मंगल दल, युवा मंगल दल, रेडक्रोस इत्यादि को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
इसी क्रम में आज 31 मार्च 2022 को पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड अशोक कुमार के दिशानिर्देशन व सेनानायक SDRF मणिकांत मिश्रा के नेतृत्व में SDRF वाहिनी मुख्यालय जॉलीग्रांट में SDRF ट्रेनर्स द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार की ”आपदा मित्र अद्यतनीकरण परियोजना” के अंर्तगत स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण हेतु चयनित 16 संस्थान जैसे नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, एडवेंचर गाइड वेलफेयर सोसाइटी, नैनीताल, नैनीताल पर्वतारोहण क्लब, रुद्रा रिसर्च एंड डेवलोपमेन्ट फाउंडेशन चमोली इत्यादि के 02-02 मास्टर ट्रेनरों को उन्मुखीकरण हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।
SDRF ट्रेनर्स द्वारा कूल 32 लोगो को खोज बचाव व प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के उपरांत ये मास्टर ट्रेनर उत्तराखंड राज्य के 11 जनपदों (हरिद्वार व उधमसिंहनगर को छोड़कर) के चयनित 16 प्रशिक्षण संस्थानों में कुल 1700 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षित स्वयंसेवक किसी भी आपदा के दौरान राहत व बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निर्वहन करेंगे।
दो दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर सेनानायक SDRF मणिकांत मिश्रा द्वारा सभी को शुभकामना देते हुए बताया गया कि इस प्रशिक्षण को मात्र एक प्रशिक्षण के तौर पर न लिया जाए ,अपितु इसे मानव क्षति न्यूनीकरण एवं जनसमुदाय में दक्ष सहयोगी भाव का उदभव करने का प्रमुख स्रोत माना जाए। आज इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त हुए ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने का ध्येय बनाना होगा। हमारा राज्य, आपदा के प्रति अति संवेदनशील है। आप सभी से यह आशा है कि आप अपने अपने क्षेत्र में लोगों को आपदा के प्रति जागरूक करने के साथ साथ इस प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी को साझा भी करेंगे ताकि समय आने पर हर छोटी बड़ी घटना में आमजन भी न्यूनतम जोखिम व अधिकतम सफलता से कार्य कर सके। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्रभारी इंस्पेक्टर प्रमोद रावत, हे.का. अनूप रमोला, का. दिगपाल लाल, का. मनीष उनियाल, का. यशवंत सिंह व U-SDMA से आये हुए पीडी माथुर, वरिष्ठ सलाहकार, NDMA, पीयूष रौतेला, अधिशासी निदेशक, राहुल जुगरान, कनिष्ठ कार्यकारी द्वारा भी महत्वपूर्ण विषयों पर व्यख्यान दिया गया।




