नारायणबगड (चमोली)। चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में गुरुवार देर रात करीब एक घंटे की मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी। कोलूसैंण के जंगलों से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आबादी क्षेत्र तक पहुंचने से थराली-बगड़ बाजार, राष्ट्रीय राजमार्ग और कई सरकारी भवन इसकी चपेट में आ गए। एक दर्जन से अधिक दुकानों में मलबा भर गया, आधा दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
बारिश के दौरान आया मलबा दो हिस्सों में बंट गया। एक हिस्सा अलकनंदा वन प्रभाग के पुराने भवन और राजकीय इंटर कॉलेज के अतिरिक्त कक्षों को नुकसान पहुंचाते हुए विद्यालय परिसर में घूसा जबकि दूसरा हिस्सा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप से गुजरते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर फैल गई। इससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मलबे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी रात बंद रहा। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बीआरओ की टीम ने रातभर अभियान चलाकर शुक्रवार सुबह करीब साढे आठ बजे मार्ग पर यातायात बहाल किया।
भारी बारिश से पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इससे क्षेत्र में जलापूर्ति बंद हो गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुरक्षा दीवार को भी नुकसान पहुंचा है। इससे भवन पर खतरा मंडराने लगा है।
घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। जल संस्थान को पेयजल आपूर्ति शीघ्र बहाल करने के लिए कहा गया। जनप्रतिनिधियों ने भी प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर व्यापारियों और स्थानीय लोगों से मुलाकात की।

स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्ष 1992 से हर मानसून में थराली-बगड़ क्षेत्र जलभराव और मलबे की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा देने तथा रिटेनिंग वॉल और वैज्ञानिक जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग की है।
घटनास्थल का जायजा लेने ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला, नगर पालिका अध्यक्ष कर्णप्रयाग गणेश शाह, जिला पंचायत सदस्य सूरी कनेरी, ज्येष्ठ प्रमुख देवराज रावत तथा सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पटवाल भी पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित व्यापारियों एवं स्थानीय लोगों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।



