नैनीताल : उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध कैंची धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ और लगातार गंभीर होती जाम की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में धाम में प्री-रजिस्ट्रेशन यानी पूर्व पंजीकरण व्यवस्था शुरू करने पर विस्तार से चर्चा हुई। डीएम और एसएसपी को इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में कैंची धाम में प्रतिदिन करीब 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं के प्रवेश की सीमा तय करने पर विचार किया गया। साथ ही मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग द्वार बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
चारधाम की तर्ज पर बनेगा ऑनलाइन सिस्टम
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत चारधाम यात्रा की तर्ज पर ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप तैयार किया जाएगा। श्रद्धालु यात्रा से पहले ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। प्रतिदिन तय क्षमता पूरी होने के बाद उस दिन का रजिस्ट्रेशन स्वतः बंद किया जा सकता है। मुख्य एंट्री प्वाइंट पर वैध बुकिंग की जांच के बाद ही श्रद्धालुओं को धाम की ओर जाने की अनुमति देने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। हालांकि, अभी यह व्यवस्था लागू नहीं हुई है। इसके लिए शासन की मंजूरी जरूरी होगी। मंजूरी मिलने के बाद इसकी प्रक्रिया और अंतिम नियम स्पष्ट किए जाएंगे
वीकेंड पर भारी भीड़ से बिगड़ी थी व्यवस्था
हाल के गांधी जयंती के तीन दिवसीय वीकेंड में कैंची धाम क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिसके कारण कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। बढ़ती लोकप्रियता के बीच यहां श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जनसत्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ फिल्म के बाद भी कैंची धाम आने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है।
होटल-होमस्टे और फर्जी वेबसाइटों पर भी नजर
बैठक में होटल और होमस्टे की ओर से मनमाना किराया वसूलने, दुकानों और रेस्टोरेंट में महंगे सामान व प्रसाद बेचने, टैक्सी व दोपहिया वाहनों से जाम लगने तथा कैंची धाम के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी करने जैसे मामले भी उठे।
आयुक्त ने होटल-होमस्टे के नियमित निरीक्षण, रेस्टोरेंट में रेट लिस्ट अनिवार्य करने और वीकेंड पर प्रशासन व पुलिस की संयुक्त निगरानी के निर्देश दिए हैं। अवैध रूप से संचालित टैक्सी और दोपहिया वाहनों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।







