शनिवार, अगस्त 22, 2026
  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video
liveskgnews
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
liveskgnews
22nd अगस्त 2026
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

रक्षाबंधन पर दून की ग्रामीण महिलाओं की राखियों की बढ़ी मांग, सास-बहू की जोड़ी ने बनाया स्वरोजगार का मॉडल

शेयर करें !
posted on : अगस्त 22, 2026 1:34 पूर्वाह्न

देहरादून : रक्षाबंधन का पर्व नजदीक आते ही देहरादून में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही हैंडमेड राखियों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से रायपुर, सहसपुर और डोईवाला विकासखंड की महिलाएं राखी निर्माण को स्वरोजगार का जरिया बनाकर न केवल अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मजबूत कदम बढ़ा रही हैं।

इसी कड़ी में रायपुर विकासखंड के मालदेवता क्षेत्र की सास-बहू लीला रावत और अलका रावत की जोड़ी राखी कारोबार में अपनी अलग पहचान बना रही है। रायपुर ब्लॉक की नई दिशा महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के अंतर्गत आशा किरण स्वयं सहायता समूह से जुड़ी दोनों महिलाएं मिलकर आकर्षक डिजाइन की राखियां तैयार कर रही हैं। इस वर्ष उन्होंने दो हजार से अधिक राखियां तैयार करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से अब तक करीब 1,500 राखियां तैयार की जा चुकी हैं।

पिछले साल 1,200 राखियों से कमाया 25 हजार रुपये का मुनाफा

लीला और अलका ने बताया कि पिछले वर्ष प्रशासन के सहयोग से उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध हुआ। दोनों ने करीब 1,200 राखियां तैयार कर सीधे बाजार में बिक्री की, जिससे उन्हें लगभग 25 हजार रुपये का मुनाफा हुआ। उत्साह बढ़ने के बाद इस वर्ष उन्होंने राखी कारोबार को और विस्तार देने का लक्ष्य तय किया है।

प्राइवेट नौकरी छोड़ सास के साथ शुरू किया स्वरोजगार

अलका रावत ने पिछले वर्ष प्राइवेट नौकरी छोड़कर अपनी सास लीला के साथ स्वरोजगार की राह चुनी। दोनों ने मालदेवता क्षेत्र में ‘विनी वंडर्स क्रिएशन’ नाम से दुकान शुरू की है। एनआरएलएम के सहयोग से शुरू किए गए इस स्वरोजगार के माध्यम से वे राखियों के साथ अन्य हस्तनिर्मित एवं स्थानीय उत्पादों का भी कारोबार कर रही हैं। अलका के अनुसार समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आय का बेहतर अवसर मिला है। साथ ही सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर वह स्वयं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी मिल रहे ऑर्डर

हैंडमेड राखियों की बिक्री अब स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है। ‘विनी वंडर्स क्रिएशन’ के इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी ग्राहकों से राखियों के ऑर्डर मिल रहे हैं। महिलाएं ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त ऑर्डर तैयार कर ग्राहकों तक पहुंचा रही हैं। इससे उनके कारोबार को स्थानीय बाजार के साथ-साथ डिजिटल बाजार में भी विस्तार मिल रहा है।

पारंपरिक से आधुनिक डिजाइनों तक तैयार हो रहीं राखियां

समूह की महिलाओं द्वारा ऊन, क्रोशिया, मौली के धागे, रिबन सहित विभिन्न सामग्रियों से आकर्षक राखियां तैयार की जा रही हैं। इनमें भैया दूज, महाकाल, रुद्राक्ष, नजरबट्टू समेत कई पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन शामिल हैं। राखियों की डिजाइनिंग, प्रिंटिंग, पैकेजिंग और प्रचार-प्रसार का काम भी महिलाएं स्वयं कर रही हैं।

वर्ष 2016 से एनआरएलएम से जुड़कर बढ़ा रहीं कारोबार

आशा किरण स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष लीला रावत ने बताया कि वह वर्ष 2016 से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी हैं। इस दौरान उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला, जिससे स्वरोजगार को आगे बढ़ाने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि समूह की महिलाएं हर वर्ष सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ ही अपने कारोबार का विस्तार कर रही हैं।

सहसपुर और डोईवाला की महिलाएं भी तैयार कर रहीं राखियां

रायपुर के साथ ही सहसपुर और डोईवाला विकासखंड की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं भी बड़े स्तर पर राखियां तैयार कर रही हैं। डोईवाला विकासखंड की गायत्री क्लस्टर लेवल फेडरेशन के अंतर्गत वैभव लक्ष्मी और पहाड़ी भुली ग्राम संगठनों से जुड़ी करीब 100 महिलाएं विभिन्न डिजाइन की राखियां बना रही हैं। इन राखियों की बिक्री रायवाला और श्यामपुर के विभिन्न बाजारों में स्टॉल लगाकर की जा रही है। वहीं, सहसपुर विकासखंड के सक्षम क्लस्टर की महिलाएं भी राखियां तैयार कर रही हैं। उनकी राखियों को ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शित किया जा रहा है और सेलाकुई, सहसपुर तथा विकासनगर क्षेत्र में भी अच्छा बाजार मिल रहा है।

दून के प्रमुख मॉलों में लगेंगे समूह की महिलाओं के स्टॉल

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न प्रकार की आकर्षक राखियां तैयार कर रही हैं। मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून जिले के सहसपुर, रायपुर और डोईवाला विकासखंड की सीएलएफ से जुड़ी महिलाएं उच्च गुणवत्ता की राखियां तैयार कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि महिलाओं को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा देहरादून के तीन-चार प्रमुख मॉलों में भी राखियों के स्टॉल लगाए जाएंगे। उन्होंने आमजन से अपील की कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार की गई हस्तनिर्मित राखियों और अन्य उत्पादों की खरीदारी कर उनके स्वरोजगार को प्रोत्साहित करें।

24 से 27 अगस्त तक सचिवालय में लगेंगे पांच स्टॉल

सहायक परियोजना निदेशक अनीता पंवार ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी एनआरएलएम से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं बेहतर गुणवत्ता वाली राखियां बाजार में उपलब्ध करा रही हैं। सहसपुर, रायपुर और डोईवाला विकासखंड की महिलाओं को राखियों की बिक्री के लिए अच्छा बाजार मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के अंतर्गत 24 से 27 अगस्त तक उत्तराखंड सचिवालय में पांच स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं राखियों के साथ विभिन्न प्रकार के पहाड़ी एवं स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री करेंगी।

रक्षाबंधन के अवसर पर राखी निर्माण से जुड़ी इन ग्रामीण महिलाओं की पहल नारी सशक्तीकरण और स्थानीय स्वरोजगार की तस्वीर को मजबूत कर रही है। मालदेवता की लीला और अलका की सास-बहू की जोड़ी सहित जिलेभर की समूह महिलाएं हुनर को कारोबार में बदलकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं।

 

https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1-1.mp4
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Video-2025-09-15-at-11.50.09-PM.mp4

हाल के पोस्ट

  • रिवर्स पलायन के लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री
  • रक्षाबंधन पर दून की ग्रामीण महिलाओं की राखियों की बढ़ी मांग, सास-बहू की जोड़ी ने बनाया स्वरोजगार का मॉडल
  • ऋषिकेश में विवाद के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने, शांति भंग की आशंका पर 8 गिरफ्तार
  • रिवर्स पलायन के लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करें सुनिश्चित – मुख्यमंत्री धामी
  • सरकार महिला, युवा और ग्रामीण उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित – मुख्यमंत्री धामी 
  • बालावाला क्षेत्र में सिंचाई एवं जनसमस्याओं पर जिलाधिकारी के कड़े निर्देश; नहर की सफाई में लापरवाही पर सिंचाई विभाग से स्पष्टीकरण तलब, जलापूर्ति रोस्टर के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश
  • ‘हरा भरा स्वराज’ प्रतियोगिता में उत्तराखंड के प्रतिभागियों का शानदार प्रदर्शन
  • उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 के लिए कांग्रेस मीडिया विभाग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां बांटी
  • गौचर में बंद घर का ताला तोड़कर चोरी करने वाला गिरफ्तार
  • टनल हादसा : मुआवजे पर बनी सहमति, मृतकों के आश्रितों को मिलेंगे 45 लाख
liveskgnews

सेमन्या कण्वघाटी हिन्दी पाक्षिक समाचार पत्र – www.liveskgnews.com

Follow Us

  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video

© 2017 Maintained By liveskgnews.

No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

© 2017 Maintained By liveskgnews.