posted on : जून 22, 2022 9:17 अपराह्न
कोटद्वार। उच्च न्यायालय के आदेश पर नगर निगम कोटद्वार ने चिह्नित अतिक्रमण पर कार्रवाई करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। अतिक्रमण पर 23 जून से बुलडोजर चलेगा। इसके लिए नगर निगम व प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। कोटद्वार व लैंसडौन के उप जिलाधिकारी की देखरेख में अतिक्रमण हटाया जाएगा। निर्धारित तिथि से पूर्व व्यापारी स्वयं ही अपना अतिक्रमण हटा दें इसके लिए नगर निगम की ओर से बाजारों में मुनादी भी करवाई जा रही है।
बताते चलें कि 18 नवंबर 2020 को उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही नगर निगम की नजूल भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए। न्यायालय के आदेश पर निगम ने नजीबाबाद चौक से मालवीय उद्यान तक अतिक्रमण चिह्नित कर दिसंबर 2020 में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस पर कुछ भवन स्वामियों ने उच्चतम न्यायालय में अपील कर दी। उनका तर्क था कि उच्च न्यायालय ने भवन स्वामियों का पक्ष सुने बिना निर्णय दे दिया। इस पर उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय को दूसरे पक्ष की बात सुनने के निर्देश दिए साथ ही उच्च न्यायालय ने नगर निगम को भवन स्वामियों का पक्ष सुनने को कहा। न्यायालय के निर्देश पर नगर निगम ने 79 भवन स्वामियों की बातों को सुनाए जिसमें से 43 भवन स्वामी अतिक्रमण की जद में पाए गए। इस पर निगम ने उन्हें नोटिस जारी कर दिए। व्यापारी एक बार फिर उच्च न्यायालय पहुंचे लेकिन उनकी याचिका खारिज हो गई।
याचिका खारिज होने के बाद नगर निगम ने जिलाधिकारी को पत्र भेज अतिक्रमण हटाने के लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती का आग्रह किया। जिस पर जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने कोटद्वार व लैंसडौन के उप जिलाधिकारियों को बतौर मजिस्ट्रेट तैनात कर दिया है।नगर आयुक्त किशन सिंह नेगी ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए दो जेसीबी की व्यवस्था कर दी गई है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स भी तैयार रखी गई है। वहीं नगर निगम ने भी झंडाचौक के समीप अपने भवन से अतिक्रमण हटा दिया है।


