posted on : सितम्बर 5, 2022 4:23 अपराह्न
कोटद्वार (गौरव गोदियाल) । राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार में असुविधाओं का जंजाल सा बिछ चुका है । कोविड महामारी के दौरान डाक्टरों की भर्ती से चिकित्सकों की पूर्ति तो लगभग हो गई है किंतु अब फार्मासिस्टों और वार्ड बॉय की कमी के कारण राजकीय बेस चिकित्सालय में मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है । लगातार देखने को मिल रहा है कि चिकित्सालय की इमरजेंसी बिना फार्मासिस्ट के चल रही है या फिर इंटर्नशिप कर रहे बच्चों के भरोसे चल रही है यही हाल वार्ड बॉय का भी है । यदि ऐसे में किसी भी व्यक्ति के साथ कोई अप्रिय घटना घट जाती है तो फिर आखिर इसका जिम्मेदार कौन होगा । सोमवार को भी अस्पताल की इमरजेंसी एक डाक्टर के सहारे छोड़ी गई थी । यही नहीं इंजेक्शन लगवाने के लिए मरीजों को दोपहर के बारह बजे तक इंतजार करना पड़ा ।
इलाज करवाने आए अमित ने बताया कि काफी लंबे समय से फार्मासिस्ट की कमी का खामियाजा अस्पताल में आए मरीजों को भुगतना पड़ता है। दवा लेने व इंजेक्शन लगवाने के लिए रोजाना अस्पताल में लगी लंबी-लंबी लाइनों को देखकर मरीज और उनके परिजनों का दम निकल जाता है। अस्पताल में दवा के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। इस संबंध में राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार के प्रमुख अधीक्षक डॉ आदित्य तिवारी ने बताया कि अस्पताल में फार्मासिस्ट व वार्ड बॉय के पद खाली होने की जानकारी कई बार सीएमओ सहित उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है लेकिन अभी तक इनकी भरपाई नहीं की गई। अस्पताल में मौजूदा समय सबसे अधिक बुखार व सीजनल बीमारियों से ग्रसित लोग पहुंच रहे हैं स्टाफ की कमी के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है ।


