कोटद्वार । धनतेरस के साथ ही दीपावली के त्योहार का आगाज हो गया है। पांच दिनों तक चलने वाले इस त्योहार के पहले दिन आज भगवान श्रीगणेश व माता लक्ष्मी की मूर्ति कलेंडर के साथ सफाई का सामान व खीले गट्टे की बिक्री हुई। बाजार में कोरोना महामारी के चलते धनतेरस के दिन खरीददारों की औसत संख्या रही।
धनतेरस के एक-दो दिन पहले से ही लोग बर्तनों की खरीद-फरोख्त शुरू कर देते हैं। नगर में बर्तन की दुकानें जगमगाने लगी हैं। लेकिन बर्तनों की सजी दुकानों पर ग्राहकों की दीवानगी नजर नहीं आ रही है। फिर भी मिठाई, खिलौनों, आदि की दुकानों पर लोगों की व्यस्तता देखने लायक है। मिठाई बनाने का कार्य एक सप्ताह से युद्ध स्तर पर चल रहा है। दीपावली के अवसर पर पूरे पांच दिन धनतेरस से लेकर भाई-दूज तक मिठाई की बिक्री सबसे अधिक होती है। वहीं इस मौके पर दीपक, कन्दीलें, गणेश-लक्ष्मी तथा अन्य खिलौने बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। शक्कर के खिलौने भी आज-कल, दिन-रात बनाए जा रहे हैं। बाजार में खील-बताशों का अंबार लगा है। बाजारों में सड़क के किनारे मोमबत्ती, पटाखों व खिलौनों की दुकानें सजने लगीं हैं। गणेश-लक्ष्मी की मनमोहक मूर्तियों की दुकानें भी सज-संवरकर कर तैयार हो चुकीं हैं। नगर के नमकीन एवं दालमोठ विक्रेता भी दीपावली की तैयारी में लगे हैं। धनतेरस व दीपावली के मौके को भुनाने के लिए नगर के सर्राफा व्यवसायी अपनी तैयारी पूर्ण कर चुके हैं।
दीपावली के शुभ अवसर पर हर कोई अधिक से अधिक लाभ कमाने की कामना के साथ दीपावली के स्वागत की तैयारी में व्यस्त है। इतना सबकुछ होने के बाद भी महंगाई व कोरोना के चलते आमलोगों में कोई खास उत्साह नजर नहीं आ रहा है। वहीं इस संबंध में नगर के दुकानदारों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अब तो त्यौहार केवल रीति-रिवाजों तक ही सीमित होकर रह गए हैं। जबकि पूर्व में इस समय तक अच्छी-खासी ब्रिकी होने लगती थी परंतु इस बार बाजार सूने दिखाई दे रहे हैं।




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