पोखरी (चमोली)। चमोली जिले के पोखरी विकास खंड के नैल गांव का दुवियाणा तोक के निवासी पिछले आठ साल से दहशत में जी रहे है। दुवियाणा तोक के नीचले हिस्से में हो रहे भूस्खलन के कारण ग्रामीणों के भवनों पर दरारें आ गई है। हर साल बरसात में हो रहे भूस्खलन से गांव को खतरा बना हुआ है। ग्रामीण इस बारे में कई बार शासन प्रशासन से पत्राचार कर चुके है लेकिन कोई सकारात्मक पहल नहीं की जा रही है। जिससे लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
दुवियाणा तोक में वर्ष 2012 से लगातार भूस्खलन हो रहा है। जिससे ग्रामीणों की मकानों पर दरारे भी आ गई है। नैल गांव दुवियाणा तोक निवासी एडवोकट देवेन्द्र राणा ने बताया कि भूस्खलन से गांव को रहे खतरे के बारें में कई बार जिला प्रशासन व आपदा विभाग को लिखा गया है। भूगर्भीय सर्वे भी किया गया लेकिन उसके बाद से गांव को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष नेगी व ग्राम प्रधान संजय रमोला का कहना है कि प्रशासन व आपदा विभाग की लापरवाही के कारण आज तक गांव की सुरक्षा को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हो पायी जिससे लोग बरसात के मौसम में ग्रामीण रात जाग कर गुजार रहे है। उन्होंने प्रशासन से अविलंब गांव की सुरक्षा व्यवस्था किये जाने की मांग की है। वहीं क्षेत्र के राजस्व उप निरीक्षक विजय कुमार का कहना है कि गांव के भूस्खलन की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी गई है।
इधर आपदा प्रबंधन अधिकारी चमोली नंदकिशोर जोशी का कहना है कि नैल गांव के दुवियाणा तोक का पुनः सर्वेक्षण करवा जा रहा है। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी।





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