गोपेश्वर / चमोली । सीपी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र व केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में चोपता के संग खर्क में चार दिवसीय पक्षी अवलोकन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम चमोली जिले के मंडल स्थित जड़ी बूटी शोध संस्थान के सभागार में गुरूवार को शुभारंभ हुआ।
शोध संस्थान के सभागार मे आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अथिति बोलते हुए नगर पालिका अध्यक्ष गोपेश्वर सुरेंद्र लाल ने कहा कि क्षेत्र के युवाओं के लिए यह स्वरोजगार का एक अच्छा अवसर साबित हो सकता है। सीपी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र के प्रबंध न्यासी ओम प्रकाश भट्ट ने बताया कि इस कार्यक्रम को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य उच्च हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाले पक्षियों के बारे मे स्थानीय स्तर पर जगरूकता बढ़ाने के साथ ही युवाओं को पक्षियों के अवलोकन की विधा में पारंगत बनाना है। जिससे भविष्य मे केदारनाथ अभ्यारण के क्षेत्र में आने वाले देशी विदेशी पक्षि प्रेमियों के लिए एक प्रोफेशनल गाइड की भूमिका में रहकर आजीविका के बेहतर साधन के रूप में अपना सके। साथ ही विद्यालयी छात्रों को इस क्षेत्र में शोध को बढावा देना व प्रेरित करना भी है।
वन क्षेत्राधिकारी केदारनाथ वन्य जीव विहार के प्रभागीय वनाधिकारी अमित कंवर ने बताया की इस प्रकार की गतिविधियों से जहां एक ओर आजविका का सृजन होता है वहीं दूसरी और युवाओं मे प्रकृति एवं वन्य जीवों के सरंक्षण की भावना का भी विकास होता है। उन्होंने कहा कि हमें संरक्षित क्षेत्रों में ऐसी किसी भी गतिविधि एवं कार्य नहीं करना चाहिए जिससे वहां की वनस्पतियों एवं वन्य जीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कार्यक्रम में वन क्षेत्राधिकारी आरती मैठानी ने प्रजेंटशन के माध्यम से तथा जड़ी बूटी शोध संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक सीपी कुनियाल, वन शोध संस्थान के क्षेत्र अधिकारी हरीश नेगी ने भी हिमालयी पक्षियों के बारे में जानकारी दी ।
कार्यक्रम के दौरान केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की ओर से श्री गुरुराम राय पब्लिक स्कूल में वन्य जीव संरक्षण का महत्व विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर कनिष्क हटवाल, द्वितीय आभिनव पुरोहित, साक्षी, तथा तृत्तिय स्थान प्राप्त करने पर उत्कृष्ट पुरोहित, शबनम नेगी को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में पक्षी विशेषज्ञों यशपाल सिंह नेगी, हरीश मैठानी, प्रभात बिष्ट, प्रदीप फरस्वाण, देवेंद्र बिष्ट, मनोज बिष्ट, डॉ, सुमन ध्यानी, विनोद रावत, सुबोध डिमरी आदि ने अपने विचार रखे।




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