-मास्क, सेनेटाइजर लेकर पकड़ी गांवों की डगर
-विधानसभा के दावेदारों में अभी से आगे निकलने की दिख रही होड़
कर्णप्रयाग (चमोली)। कोबिड-19 का संक्रमण देश में लगातार बढ़ रहा है। लेकिन पहाड़ी क्षेत्र अभी भी कोबिड के कहर से कुछ दूर है। ऐसे में लोग यहां बिना डरे इधर उधर आ जा रहे हैं। इसी का फायदा उठाते हुए नेताओं ने भी गांवों की डगर पकड़ी है। कोबिड-19 की नाव पर सवार 2022 के ये दावेदार लोगों के बीच मास्क, सेनेटाइजर हो या अन्य जागरूकता कार्यक्रम। अपनी उपस्थिति दर्ज कराने से चूक नहीं रहे हैं।
प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अभी 18 माह से अधिक का समय बचा है। बर्तमान दौर में कोरोना के चलते आर्थिक मंदी और बीमारी का डर बना है। पहाड़ में 32 हजार से अधिक प्रवासियों के आगमन से स्वरोजगार की भी चुनौती है। जिसके चलते सत्ता पक्ष के लिए चुनौती तो विपक्ष को सरकार की नाकामियों को उजागर करने का मौका भी है। ऐसे में कांग्रेस से जहां पूर्व विधायक डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी इन दिनों अपने समर्थकों के साथ विधानसभा के गांवों की पगडंडियां नाप रहे हैं तो कांग्रेस से ही दो बार गौचर के नगर पालिका अध्यक्ष रहे मुकेश नेगी मैखुरी को चुनौती दे रहे हैं। वहीं कांग्रेस के प्रांतीय महामंत्री हरिकृष्ण भट्ट, पूर्व दर्जामंत्री सुरेश बिष्ट भी कोबिड-19 में लोगों के बीच उपस्थिति दर्ज करने का मौका नहीं चूक रहे हैं। तो भाजपा के विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी कोरोना महामारी के बीच भी विकास योजनाओं की समीक्षा के अलावा लोगों की मदद में हैं। तो नेगी को चुनौती दे रहे टीका प्रसाद मैखुरी, पूर्व विधायक अनिल नौटियाल, मंदिर समिति के सदस्य अरूण मैठाणी मोदी सरकार के एक साल के कार्यकाल के बहाने से संगठन और लोगों की बीच सक्रियता दिखा रहे हैं।
तीन बार भाजपा और एक बार कांग्रेस ने हासिल की जीत
कर्णप्रयाग विधानसभा में अब तक हुए चुनावों में तीन बार भाजपा ने बाजी मारी। तो एक बार कांग्रेस जीती। 2002 और २2007 में यहां भाजपा के टिकट पर अनिल नौटियाल विधायक बने। तो २2012 में यहां कांग्रेस के डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने जीत हासिल की। जबकि 2017में भाजपा के सुरेंद्र सिंह नेगी यहां विधायक बने।




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