posted on : मई 26, 2022 7:36 अपराह्न
गौरव गोदियाल
कोटद्वार । बस अड्डे के बाहर ही निजी वाहनों की डग्गामारी परिवहन निगम पर भारी पड़ रही है। वहीं, परिवहन विभाग के अधिकारी व पुलिस बाइक सवारों के चालान काटने और तेज रफ्तार वाहन पकड़ने में ही व्यस्त हैं। कार्रवाई न होने का ही नतीजा है कि डग्गामार वाहन स्वामी बेखौफ हैं। वे बस अड्डा परिसर के गेट के सामने ही वाहन खड़े कर सवारियां बैठा रहे हैं। इसके चलते परिवहन निगम की बसों में सवारियों की संख्या घटती जा रही है। डग्गामारी न केवल रोडवेज को नुकसान पहुंचा रही है बल्कि यात्रियों के लिए भी खतरनाक है। रोडवेज बस अड्डे के आसपास डग्गामार वाहनों में सवारियां बैठाना परिवहन निगम के नियमों के विरुद्ध है। इसके बावजूद बस अड्डे पर डग्गामार वाहनों की भरमार रहती है। बस अड्डे पर यदि निगम के कर्मचारी सख्ती दिखाते हैं तो फिर खुलेआम दलाल आवाज लगाकर सवारियां ले जाते नजर आते हैं ।
सूत्रों की मानें तो कुछ जिम्मेदार लोगों की इन पर छत्र छाया हैं । डग्गामारी वाहनों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी एआरटीओ व पुलिस की होती है, लेकिन विभागीय अधिकारी केवल बाइक सवारों के कागज और हेलमेट नहीं होने पर चालान काटने तक ही सीमित हैं। ज्यादा से ज्यादा विभाग अपनी चेकिंग में समय से टैक्स जमा नहीं करने वाले वाहनों के चालान काट देता है। बस अड्डे के पास हो रही डग्गामारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से ये खेल धड़ल्ले से जारी है । अक्सर देखा जाता है कि डग्गामार वाहन चालक देहरादून, दिल्ली, हरिद्वार की सवारियों को बहलाकर अपने वाहनों तक ले आते हैं। डग्गामारी का सीधा असर रोडवेज की आय पर पड़ रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
स्टेशन इंचार्ज, कोटद्वार रोडवेज डिपो विरेन्द्र जदली ने बताया कि रोडवेज बस अड्डे के बाहर डग्गामारी पर अंकुुश लगाने की जिम्मेदारी एआरटीओ विभाग व पुलिस विभाग की है। एआरटीओ से कई बार इस मामले में शिकायत की गई है । डग्गामारी होने से डिपो की आय पर असर पड़ता है।
कर अधिकारी प्रथम परिवहन विभाग कोटद्वार अभिलाष गैरोला ने बताया कि कोटद्वार रोडवेज बस अड्डे के बाहर डग्गामारी की शिकायत मिली है।समय समय पर कार्रवाई की जाती है । जल्द ही निगम के कर्मचारियों के साथ मिलकर कार्यवाही की जायेगी। साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।


