- प्रभारी डीएम डॉ. ललित नारायण मिश्र ने किया आंगनबाड़ी केंद्र, आयुष्मान आरोग्यम मंदिर और प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण
- आंगनबाड़ी केंद्र में 18 अक्टूबर से उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर कार्यकत्री का वेतन रोकने के निर्देश
- आयुष्मान आरोग्यम मंदिर बंद मिलने पर सीएमओ से स्पष्टीकरण तलब, विद्यालय में एक्सपायरी मिल्क पाउडर और बिना वितरण के मिलीं 500 किताबें
- प्रभारी डीएम डॉ. ललित नारायण मिश्र ने किया औचक निरीक्षण; आंगनबाड़ी कार्यकत्री, भोजन माता और प्रधानाचार्य का वेतन रोकने के निर्देश
- आंगनबाड़ी में 18 अक्टूबर से दर्ज नहीं हुई बच्चों की उपस्थिति, आयुष्मान आरोग्यम मंदिर मिला बंद; स्कूल में एक्सपायरी मिल्क पाउडर और 500 किताबें बिना वितरण के मिलीं
हरिद्वार। सरकारी संस्थानों में लापरवाही और अव्यवस्थाओं पर प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने सख्त रुख अपनाया है। औरंगाबाद स्थित आंगनबाड़ी केंद्र और आयुष्मान आरोग्यम मंदिर के साथ प्राथमिक विद्यालय आन्नेकी प्रथम के निरीक्षण में कई खामियां सामने आईं। आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की उपस्थिति दर्ज नहीं होने, स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने और विद्यालय में व्यवस्थागत लापरवाही पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी में उपस्थिति रजिस्टर अपडेट नहीं, कार्यकत्री का वेतन रोकने के निर्देश
प्रभारी जिलाधिकारी ने सबसे पहले औरंगाबाद स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि 18 अक्टूबर से बच्चों की उपस्थिति दर्ज नहीं की गई थी। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्होंने संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्री का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के संचालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अभिलेख नियमित रूप से अद्यतन रखे जाने चाहिए।
आयुष्मान आरोग्यम मंदिर बंद मिलने पर सीएमओ से मांगा स्पष्टीकरण
इसके बाद आयुष्मान आरोग्यम मंदिर का निरीक्षण किया गया, जहां केंद्र बंद मिला। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र बंद रहने के कारण स्पष्ट करने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने को कहा, ताकि आमजन को निर्धारित सुविधाएं समय पर मिल सकें।
स्कूल में चूल्हे पर बन रहा था भोजन, एक्सपायरी मिल्क पाउडर मिला
प्राथमिक विद्यालय आन्नेकी प्रथम के निरीक्षण में मध्याह्न भोजन व्यवस्था की स्थिति भी सामने आई। विद्यार्थियों के लिए भोजन चूल्हे पर बनाया जा रहा था और विद्यालय में गैस कनेक्शन उपलब्ध नहीं था। विद्यालय के स्टोर में एक्सपायरी डेट का मिल्क पाउडर मिलने पर भी प्रभारी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने खाद्य सामग्री के सुरक्षित रखरखाव और निर्धारित मानकों के पालन के निर्देश दिए।
500 किताबें स्टोर में बंद, भोजन माता और प्रधानाचार्य का वेतन रोकने के आदेश
विद्यालय के स्टोर में करीब 500 किताबें बिना वितरण के रखी मिलीं। प्रभारी जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली शैक्षणिक सामग्री का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान भोजन माता भी अनुपस्थित मिलीं। इस पर उन्होंने भोजन माता और प्रधानाचार्य का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्याह्न भोजन, विद्यालय में जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना संबंधित कार्मिकों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
विद्यार्थियों से संवाद कर परखी पढ़ाई की गुणवत्ता
निरीक्षण के दौरान डॉ. ललित नारायण मिश्र ने छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और शिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से सवाल पूछकर उनकी शैक्षणिक समझ का आकलन किया। इस दौरान विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर पाई गई।
प्रभारी जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी संस्थानों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं और आमजन एवं विद्यार्थियों को निर्धारित सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य व्यवस्थाओं में सुधार लाना और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना है।







