posted on : सितम्बर 10, 2022 10:45 पूर्वाह्न
रूडकी : भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की 135वी जयंती राजकीय प्राथमिक विद्यालय बेडपुर में मनाई गई। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक मौ. इकराम ने उनके अप्रतिम व्यक्तित्व और कृतित्व से विधार्थियो को अवगत कराया। उनके भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान और देश के विकास में उनकी महती भूमिका के विषय मे बताया गया। उन्होने कहा कि पंत जी समाज के प्रति संवेदनशील थे जो उनके लेखन से दृष्टिगत होता है। उनका नाटक अंगूर की बेटी समाज मे मद्यपान के विपरीत प्रभाव को दिखाता है । ‘वरमाला ‘ और ‘राज मुकुट ‘उनके बेहद प्रसिद्ध नाटक हैं। कार्यक्रम के दौरान पंडित गोविंद बल्लभ पंत के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि अर्पित की गयी।

शिक्षक संजय वत्स ने कहा कि भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत का स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा। स्वतंत्रता आन्दोलन के अंतर्गत उन्होंने असहयोग आंदोलन, साइमन कमीशन के बहिष्कार एवं नमक सत्याग्रह में बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग किया था। पंत जी महान देश भक्त, कुशल प्रशासक, सफल वक्ता, तर्क-वितर्क के धनी तथा लेखनी से सशक्त थे। वे प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री रहे तथा बाद में देश के गृहमंत्री के दायित्व का भी निर्वहन किया। वर्ष 1957 में महान देशभक्त, कुशल प्रशासक, सफल वक्ता एवं उदार मन पंडित गोविन्द बल्लभ पंत जी को भारत की सर्वोच्च उपाधि भारत रत्न से विभूषित किया गया।इस अवसर पर शिक्षिका श्रीमती सुमन, भोजनमाता इरफाना, सन्नो, ग्रामीण सफक्कत अली, छात्र छात्राऐं, मौजूद रहे!



