शनिवार, सितम्बर 19, 2026
  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video
liveskgnews
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स
No Result
View All Result
liveskgnews
19th सितम्बर 2026
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

जानें भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह के बारें में महत्वपूर्ण जानकारी एवं रोचक तथ्य ………

लेखक : नरेन्द्र सिंह चौधरी, भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं. इनके द्वारा वन एवं वन्यजीव के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किये हैं.

शेयर करें !
posted on : दिसम्बर 24, 2024 1:45 पूर्वाह्न
देहरादून : चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसम्बर 1902 को उत्तर प्रदेश, भारत के मेरठ जनपद के गाँव नूरपुर में हुआ था, जो अब हापुड़ जनपद में है। उनके पिता चौधरी मीर सिंह ने अपने नैतिक मूल्यों को विरासत में चरण सिंह को सौंपा था। चरण सिंह का विवाह सन 1929 में हरियाणा की गायत्री देवी के साथ हुआ। इन दोनों के पांच संताने हुईं। सन 1923 में में चरण सिंह ने विज्ञान विषय में स्नातक किया और दो वर्ष बाद सन 1925 में उन्होंने ने कला वर्ग में स्नातकोत्तर की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके पश्चात उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से क़ानून की पढ़ाई की और फिर विधि की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सन 1928 में गाज़ियाबाद में वक़ालत आरम्भ की थी।
  • वकालत के दौरान, चौधरी चरण सिंह उन्हीं मुकदमों को स्वीकार करते थे जिनमें मुवक्किल का पक्ष उन्हें न्यायपूर्ण प्रतीत होता था।
  • सन 1930 में सविनय अवज्ञा आन्दोलन के दौरान ‘नमक कानून’ तोड़ने में चरण सिंह को 6 महीने की सजा सुनाई गई। जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने स्वयं को देश के स्वतन्त्रता संग्राम में पूर्ण रूप से समर्पित कर दिया।
  • सन 1940 में गांधीजी द्वारा किये गए ‘व्यक्तिगत सत्याग्रह’ में भी चरण सिंह को गिरफ्तार किया गया जिसके बाद वे अक्टूबर 1941 में रिहा किये गये।
  • वे उत्तरप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पं. गोबिन्दबल्लभ पन्त के पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी थे। लालबहादुर शास्त्री भी उनके साथ थे।
  • कांग्रेस के नागपुर अधिवेशन में उन्होंने प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के प्रस्तावित सहकारी खेती का विरोध किया था।
  •  जाति व्यवस्था को समाप्त करने के लिए उन्होंने राजकीय नौकरी में वरीयता उन्हें देने का प्रस्ताव किया था जो युवक अनुसूचित जाति के साथ विवाह करें।
  • चौधरी चरण सिंह स्वतंत्र भारत के पांचवें प्रधानमंत्री के रूप में 28 जुलाई, 1979 को पद पर आसीन हुए।
  • भारत के प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा। वे मात्र 5 महीने और कुछ दिन ही देश का प्रधानमंत्री रह पाए और बहुमत सिद्ध करने से पहले ही त्यागपत्र दे दिया।
  • प्रधानमंत्री बनने से पूर्व उन्होंने भारत के गृह मंत्री, वित्त मंत्री और उप-प्रधानमंत्री के रूप में भी कार्य किया।
  • वे मेरठ जिले के छपरौली विधानसभा क्षेत्र से लगातार 8 बार विधायक रहे।
  • वे दो बार उत्तर प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री भी रहे और उसके पूर्व उन्होंने अनेक मंत्रालयों का कार्यभार भी संभाला था, जिनमे राजस्व, कृषि,सहकारिता और वन विभाग प्रमुख थे।
  • प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद राष्ट्र के नाम अपने पहले सम्बोधन में चौधरी चरण सिंह ने कहा था- “गरीबी को हटाना एवं हर एक नागरिक को जीवन की मूलभूत आवश्यकताएं उपलब्ध कराना आवश्यक है।”
  •  चौधरी चरण सिंह राजनीति में स्वच्छ छवि रखने वाले ईमानदार नेता थे। वह गांधीवादी विचारधारा में आस्था रखते थे।
  •  चौधरी चरण सिंह की नीति किसानों व गरीबों को ऊपर उठाने की थी। उनका यह मत था कि बगैर किसानों को खुशहाल किए देश का विकास नहीं हो सकता।
  •  चौधरी चरण सिंह की मेहनत के कारण ही ‘उप्र जमींदारी उन्मूलन विधेयक’ 1952 में पारित हो सका।
  • चौधरी चरण सिंह की मृत्यु 29 मई 1987 को दिल्ली में हुई।
  • एक राजनेता के साथ चौधरी चरण सिंह एक कुशल लेखक और विचारक भी थे और हिन्दी व अंग्रेज़ी भाषा पर अच्छा अधिकार रखते थे।
  • चौधरी चरण सिंह ने  ‘अबॉलिशन ऑफ़ ज़मींदारी’, ‘लिजेण्ड प्रोपराइटरशिप’ और ‘इंडियास पॉवर्टी एण्ड इट्स सोल्यूशंस’ जैसी अनेक पुस्तकों का लेखन भी किया। उनकी इन पुस्तकों को अमेरिका की हावर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाया जाता है।
  •  चौधरी साहब ने मण्डल आयोग और शाह कमीशन का गठन किया था।
  •  उनकी कोई विशेष सम्पत्ति नहीं थी। उनके निधन के पश्चात उनके बैंक में मात्र 5000 ₹ थे।
  • वे घण्टो मंच पर गोल तकियों पर बैठ कर भाषण करते थे, जिसमें वे देश-विदेश के बड़े आँकड़े देते थे।
  • अपने एकमात्र पुत्र अजीत सिंह को इंजीनियरिंग की आई आई टी खड़गपुर में कराने हेतु उन्होंने अपनी जमीन भी बेच दी थी, जो कालान्तर में अमेरिका में एक जाने माने कम्प्यूटर इंजीनियर रहे। बाद में वे केन्द्र में अनेकों बार कैबिनेट मन्त्री भी रहे।
  • उनका पोता जयन्त सिंह आजकल राज्यसभा सांसद है और केन्द्र में मन्त्री है।
  • चौधरी चरण सिंह की स्मृति में उनके जन्मदिन 23 दिसम्बर को प्रति वर्ष ‘किसान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
  • भारत के कृषक वर्ग की वर्षों से चली आ रही माँग पर इसी वर्ष भारत सरकार ने उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया है।
  • भारतीय इतिहास में चौधरी चरण सिंह का नाम प्रधानमंत्री से ज़्यादा एक ईमानदार और बुद्धिजीवी किसान नेता के रूप में याद किया जाता है। उनकी ईमानदारी और स्पष्टवादिता के किस्से ग्रामीणों में आज भी याद किये जाते हैं।
  • शुभ राष्ट्रीय किसान दिवस!!

लेखक : नरेन्द्र सिंह चौधरी, भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं. इनके द्वारा वन एवं वन्यजीव के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किये हैं.

https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1-1.mp4
https://liveskgnews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Video-2025-09-15-at-11.50.09-PM.mp4

हाल के पोस्ट

  • ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, निचले इलाकों में बढ़ी ठिठुरन
  • वाण के बाद शुरू होगी नंदा की कठिन हिमालयी यात्रा
  • मैक्स हेल्थकेयर फाउंडेशन ने अपने चौथे वर्ष में मैक्स मेडिकल स्कॉलरशिप का किया विस्तार, अब 250 मेधावी MBBS छात्रों की शिक्षा को मिलेगा वित्तीय सहयोग
  • हरिपुर कालसी में 2100 दीपों से जगमगाया यमुना तट, मुख्यमंत्री धामी ने किया मां यमुना की प्रतिमा का अनावरण
  • 15 अक्टूबर तक पौड़ी गढ़वाल की सड़कें होंगी गड्ढामुक्त, डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने सड़कवार कार्ययोजना की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, अधूरे काम और दोबारा पैचिंग पर लगाई रोक
  • पौड़ी गढ़वाल : पुण्डोरी में लम्पी स्किन डिजीज को लेकर पशुपालकों को किया जागरुक
  • हेमकुंड साहिब में सीजन की पहली बर्फबारी, केदारनाथ घाटी में भारी बारिश से बढ़ी ठंड
  • मलेशिया तक गूंजेगी उत्तराखंड की संस्कृत और रामायण परंपरा, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार ने मलेशियाई चार्ज डी अफेयर्स शरीफा एज्नीदा वफा से की मुलाकात
  • यज्ञ की आहुति से गूंजा “सेवा संकल्प”, संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार गैरोला ने दिलाया राष्ट्रसेवा का संकल्प
  • 1320 मेगावाट थर्मल पावर से मजबूत होगी उत्तराखण्ड की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा – महेंद्र भट्ट
liveskgnews

सेमन्या कण्वघाटी हिन्दी पाक्षिक समाचार पत्र – www.liveskgnews.com

Follow Us

  • Advertise with us
  • Contact Us
  • Donate
  • Ourteam
  • About Us
  • E-Paper
  • Video

© 2017 Maintained By liveskgnews.

No Result
View All Result
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • उत्तरप्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • धर्म
  • रोजगार न्यूज़
  • रोचक
  • विशेष
  • साक्षात्कार
  • सम्पादकीय
  • चुनाव
  • मनोरंजन
  • ऑटो-गैजेट्स

© 2017 Maintained By liveskgnews.