कोटद्वार । वर्तमान में प्रदेश में चल रहे पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर चल रहे कर्मचारी सँघर्ष में पिछले एक वर्ष से नियुक्त प्रदेश संयोजक मिलिन्द बिष्ट को राष्ट्रीय नेतृत्व ने राष्ट्रीय प्रेस सचिव व आईटी सेल प्रभारी नियुक्त किया है। प्रदेश से राष्ट्रीय स्तर पर पेंशन बहाली के लिए पर पहली बार किसी कर्मचारी नेता को राष्ट्रीय दायित्व दिया गया है।
राष्ट्रीय नेतृत्व का कहना है कि पिछले समय में उत्तराखंड में संयुक्त मोर्चे ने पेंशन बहाली की मांग को मजबूती से सरकार के समक्ष रखा है। जिसमें मिलिन्द बिष्ट ने अहम भूमिका अदा की है। राष्ट्रीय नेतृत्व उनकी कार्यशैली व क्षमता को देखते हुए राष्ट्रीय प्रेस सेक्रेटरी व राष्ट्रीय आईटी सेल प्रभारी का दायित्व सौंप रहा है। साथ ही आशा रखता है कि पूर्व की भांति मिलिन्द बिष्ट इस दायित्व को भी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से निभाएंगे जिससे पुरानी पेंशन बहाली के संघर्ष में तेज़ी लाते हुए शीघ्र कर्मचारियों के बुढापे की संजीवनी पुरानी पेंशन को वापस लाया जा सके।
उधर मिलिन्द बिष्ट ने राष्ट्रीय नेतृत्व व राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का उक्त दायित्व हेतु आभार व्यक्त करते हुए कहा है। राष्ट्रीय नेतृत्व के द्वारा सौंपे गये इस बड़े दायित्व को पूरी जिम्मेदारी व निष्ठा के साथ निभाना एक नई चुनौती है जिसे पूरा करने के लिए मुझे सभी राज्यों के कर्मचारियों व विशेष कर राज्य के समस्त कर्मचारी संगठनों तथा सँयुक्त मोर्चा उत्तराखंड के सभी पदाधिकारियों के सहयोग की आवश्यकता है।
मिलिन्द बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड में सोए हुए इस आंदोलन को पुनर्जागृत करना एक बड़ी चुनौती थी परंतु सँयुक्त मोर्चा अन्य संगठनों विशेष कर राजकीय शिक्षक संघ , सचिवालय संघ , कलेक्ट्रेट संघ के माध्यम से इसमें पूर्ण रूप से सफल रहा और कोरोना काल मे भी प्रांतीय अध्यक्ष अनिल बडोनी व प्रान्तीय महासचिव सीताराम पोखरियाल, देवेन्द्र बिष्ट, जयदीप रावत, कपिल पांडे इस मुद्दे को ” एक दिया ops के नाम” , “ops पोस्टर” , “एक पौधा ops के नाम” व ट्विटर के Nps quit india जैसे अत्यंत सफल कार्यक्रमो को आयोजित कर बखूबी चर्चा में बनाये हुए हैं जिससे लगातार पुरानी पेंशन की लड़ाई को ताकत मिल रही है।
मिलिन्द बिष्ट ने समस्त सहयोगी संगठनों, कुमाऊँ मण्डल व गढ़वाल मंडल की कार्यकारणी सभी पदाधिकारियों, पत्रकार बंधुओ जिन्होंने कर्मचारियों की आवाज़ को कभी दबने नही दिया का ह्र्दयतल से आभार व्यक्त करता हूँ साथ ही बड़े भाई आलोक पांडे को विशेष धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने इस मुहिम में शून्य से लेकर आज तक पुरानी पेंशन की प्रत्येक मुहिम में मेरा हर क्षण साथ दिया। साथ ही मैं आभार व्यक्त करता हूँ विजय गोस्वामी, राजेन्द्र शर्मा, प्रवीण भट्ट, निशा चौहान, रज्जन कफलटिया, दया जोशी, त्रिभुवन बिष्ट, भवान सिंह नेगी, मेहरबान सिंह भण्डारी, सौरभ नौटियाल, मंगल सिंह बिष्ट, देवेंद्र मेहता, महिमन ऐठानी, केसी मिश्रा,अनिल जोशी जिनके अथक प्रयासों से पुरानी पेंशन का संघर्ष निरन्तर आगे बढ़ रहा है।





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