सुरक्षा नही दिये जाने पर कही उच्च न्यायालय जाने की बात
काशीपुर / उधमसिंह नगर । सूचना अधिकार के अंतर्गत आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा जनहित में मांगी गई सूचनाऐं न मांगने तथा सूचना वापस लेने का दबाव बनाने तथा सूचनाओं की पैरवी करने पर धमकाने व दबाव बनाये जाने के मामले में आरटीआई कार्यकर्ता ने मुख्य सचिव उत्तराखंड एवं पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर जान-माल का खतरा बताते हुए सुरक्षा उपलब्ध कराये जाने की मांग की है । बता दें कि सूचना अधिकार के तहत विभिन्न मामलों में मांगी गई सूचनाओं के मामले में पूर्व में भी कई आरटीआई कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी हैं ।
थाना कुंडा अंतर्गत ग्राम मिस्सरवाला तह. काशीपुर निवासी आरटीआई व सामाजिक कार्यकर्ता आसिम अज़हर पुत्र स्वर्गीय अजहर हुसैन ने शुक्रवार को डाक के माध्यम से मुख्य सचिव उत्तराखंड, गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड को पत्र भेजकर कहा है कि उन्होंने सूचना के अधिकार अधिनियम में जनहित में सूचना मांगी थी जिसमे प्रथम अपील करने के बाद जब सूचना नही मिली तो द्वितीय अपील उत्तराखंड सूचना आयोग में की गयी जिसके बाद आयोग ने आरटीआई कार्यकर्ता को सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए लेकिन उन्हें सूचना उपलब्ध कराने के बजाय उन्हें सूचना वापस लेने का दबाव और धमकी दी जा रही है.
आसिम अजहर ने बताया कि सूचना देने के बजाय उसके ऊपर विभिन्न प्रकार से सूचना नहीं लेने के लिये अन्य व्यक्तियों से अलग-अलग फोन नंबरों द्वारा फोन करके कभी घर आकर उसके द्वारा मांगी गई सूचना या की गई शिकायतों को वापस लेने को उस पर दवाब बनाकर डरा व धमकवाकर दबाव बनाया जा रहा है ।
आरटीआई कार्यकर्ता आसिम अजहर ने जान का खतरा बताते हुए कहा कि यदि उसके साथ कोई घटना घटित होती है तो उसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की ही होगी । यह भी बताया कि उसने पत्र के माध्यम से पूर्व में शासन- प्रशासन को इस संबंध में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन न तो कोई कार्यवाही हुई न ही सुरक्षा उपलब्ध कराई गई । पीड़ित ने मुख्य सचिव उत्तराखंड को भेजे पत्र में जान-माल का खतरा बताते हुए शीघ्र सुरक्षा की मांग की है । साथ ही यह भी कहा कि उसकी मांग पर सुनवाई नहीं होने पर उसे हाईकोर्ट जाने को बाध्य होना पड़ेगा ।





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