गोपेश्वर (चमोली)। गंगा और उसकी सहायक नदियों को प्रदूषणमुक्त रखने के लिए अब सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाने और थूकने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई तेज की जाएगी। अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने शुक्रवार को जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में अधिकारियों को स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के निर्देश दिए।
गोपेश्वर में आयोजित बैठक में गंगा संरक्षण, सीवरेज और सेप्टेज प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट निस्तारण तथा नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले के 11 नगर निकायों में एंटी-लिटरिंग एवं एंटी-स्पिटिंग अभियान के तहत एक अप्रैल से 30 सितंबर तक 242 चालान किए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों की नियमित निगरानी करने और चालानी कार्रवाई में तेजी लाने को कहा। उन्होंने गंगा ग्रामों में भी घर-घर कूड़ा संग्रहण सुनिश्चित करने तथा शहरी क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
सीवरेज प्रबंधन की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 26 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित हैं। इनमें 16 सरकारी और 10 निजी एसटीपी शामिल हैं। अपर जिलाधिकारी ने सभी प्लांटों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने और उनकी प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। हेमकुंड साहिब क्षेत्र में एसटीपी और भूमि हस्तांतरण की लंबित प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने नगर निकायों को सेप्टेज के सुरक्षित संग्रहण, परिवहन और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए आवश्यक वाहनों की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले प्रतिष्ठानों की पहचान कर उनके कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ रखने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और कचरा प्रबंधन की नियमित निगरानी करें।
इस दौरान अधिशासी अभियंता जल संस्थान संजय कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, अधिशासी अभियंता जल निगम राजेश सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।







